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सचिन के रिटायरमेंट पर तेज़ हुई बहस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वर्ल्ड कप से भारत के शर्मनाक तरीक़े बाहर होने और सचिन तेंदुलकर जैसे सूरमाओं के बुरी तरह नाकाम रहने के बाद बहुत सारे भारतीय क्रिकेट प्रेमी उन्हें संन्यास लेने की सलाह तो दे ही रहे हैं अब अंतरराष्ट्रीय स्वर भी उसमें मिलने लगे हैं. सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट खेलते रहना चाहिए या संन्यास ले लेना चाहिए इस पर एक ज़ोरदार बहस जारी है, वैसे तो आम जनता के बीच यह चर्चा चल ही रही थी लेकिन दो दिन पहले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयन चैपल ने एक लेख लिखकर इस मुद्दे को और गर्मा दिया. अब इस आग में घी डालने का काम किया है इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन ने, उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया है कि "सचिन अब हीरो नहीं बल्कि कॉमिक हीरो हैं." एथर्टन का कहना है कि सचिन की बल्लेबाज़ी अब ढलान पर है इसलिए उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए. उन्होंने संडे टेलीग्राफ़ में लिखा है, "बहुत सारे लोग हैं जो चाहते हैं कि सचिन खेलते रहें, वे सुपर हीरो हैं, विज्ञापन जगत में उनका बड़ा नाम है लेकिन उनका हुनर अब ढलान पर है." भारत में टीवी चैनलों और अख़बारों में यह चर्चा खुलकर हुई है और लोगों की राय काफ़ी विभाजित है. ग्रेग चैपल के भाई इयन चैपल ने कहा था कि सचिन तेंदुलकर को अपना करियर किसी तरह बनाने की कोशिश करने के बदले संन्यास ले लेना चाहिए. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वक़ार यूनुस का कहना है कि अगला वर्ल्ड कप खेलने के लिए भारत को नए खिलाड़ियों को तैयार करना चाहिए. जब उनसे पूछा गया कि सचिन के बारे में उनकी क्या राय है, तो उन्होंने इतना ही कहा कि "इसका फ़ैसला उन्हीं के ऊपर छोड़ दिया जाना चाहिए." भारतीय राय अधिकतर भारतीय क्रिकेट विश्लेषकों की राय है कि सचिन अभी कुछ समय के लिए क्रिकेट खेल सकते हैं. भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कृष्णमचारी श्रीकांत का कहना है कि सचिन को अभी कुछेक साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना चाहिए. भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी अजय जाडेजा का कहना है कि सचिन एक महान खिलाड़ी हैं और उन्हें तय करने का मौक़ा दिया जाना चाहिए कि वे कब रिटायर होना चाहते हैं. उन्होंने कहा, "जहाँ तक मैं सचिन को जानता हूँ, वे इस समय इतनी बुरी हालत में रिटायर नहीं होना चाहेंगे." यह बहस जारी है लेकिन सचिन ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. | इससे जुड़ी ख़बरें लौट के आख़िर घर को आए...29 मार्च, 2007 | खेल विज़डन की सूची में इंग्लैंड का दबदबा27 मार्च, 2007 | खेल क्या भारत की हार क्रिकेट के लिए फ़ायदेमंद है?26 मार्च, 2007 | खेल क्रिकेट दर्शकों में हताशा, व्यापक प्रदर्शन24 मार्च, 2007 | खेल बांग्लादेश के हाथों भारत की शर्मनाक हार17 मार्च, 2007 | खेल प्रशंसकों से परेशान भारतीय खिलाड़ी21 मार्च, 2007 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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