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फिर जोड़ी टूट गई पेस-भूपति की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय टेनिस की सबड़े सफल और चर्चित लिएंडर पेस और महेश भूपति की जोड़ी एक बार फिर टूट गई है. बुधवार को एशियाई खेलों में टेनिस युगल मैचों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद महेश भूपति ने एक बार फिर कहा है कि यह एक साथ दोनों का आख़री मैच था. एक साथ चार ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीत चुकी इस जोड़ी के बीच पहले भी अनबन रही है और वे पहले भी अलग हो चुके हैं. हालांकि लिएंडर पेस ने कहा है कि जब कभी भारत के लिए खेलना हो तो वे भूपति के साथ खेलने को तैयार हैं. दूसरी ओर महेश भूपति ने कहा है कि जब भी ज़रूरत होगी वे भारत के लिए खेलने के लिए तैयार हैं लेकिन वे लिएंडर पेस के साथ नहीं खेल पाएँगे. दिल्ली से प्रकाशित होने वाले एक अंग्रेज़ी दैनिक 'हिंदुस्तान टाइम्स' में प्रकाशित ख़बरों के अनुसार भूपति के इस बार के अलगाव के पीछे ताइपेई में हुई हार के बाद का घटनाक्रम है. अख़बार ने भूपति से हुई बातचीत के हवाले से कहा है कि ताइपेई में हार के बाद पेस ने उनके मुँह पर कह दिया कि वे अगर रोहन बोपन्ना के साथ खेल रहे होते तो स्वर्ण पदक जीत सकते थे. भूपति ने भारतीय टेनिस टीम के कोच नंदन बल को भी दोषी ठहराते हुए कहा है कि ताइपेई में हुई हार के बाद उन्होंने फ़िटनेस पर सवाल उठाए थे. भूपति ने इस अलगाव के बाद कहा, "हम एक अच्छे मोड़ पर अलग हो रहे हैं. हमने अपने आख़िरी मैच में स्वर्ण जीता है." | इससे जुड़ी ख़बरें पेस-भूपति ने स्वर्ण दिलाया, सानिया चूकी13 दिसंबर, 2006 | खेल देश के लिए नहीं खेलेंगे महेश भूपति03 अक्तूबर, 2006 | खेल दोहा में पेस-भूपति ने किया निराश05 दिसंबर, 2006 | खेल पेस-भूपति की हार, काँस्य पदक खोया21 अगस्त, 2004 | खेल पेस-भूपति की जोड़ी सेमीफ़ाइनल में हारी19 अगस्त, 2004 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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