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पदक जीतने का बहुत दबाव था: अंजू | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दोहा में चल रहे एशियाई खेलों में लंबी कूद में रजत पदक जीतने वाली भारत की अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा है कि उन पर पदक जीतने के लिए बहुत दबाव था. 31 वर्षीय अंजू ने कहा, "देशवासी हर बार स्वर्ण की उम्मीद करते हैं, उन्हें काफ़ी अपेक्षाएँ होती हैं लेकिन हर बार अपेक्षाओं को पूरा करना संभव नहीं." अंजू का कहना था, "हर प्रतियोगिता में ही दबाव रहता है और कुछ देर से मैने किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है. मैं स्वर्ण जीतना चाहती थी, रजत नहीं. उन्होंने कहा कि वे प्रतियोगिता के शुरुआती चरणों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही थीं क्योंकि उनकी टाँग में चोट लगी थी. दोहा में भारतीय लोगों से मिले समर्थन के बारे में अंजू ने कहा,"यहाँ भारतीय लोग हमेशा मुझे प्रोत्साहित करते रहे हैं, ये सब मेरे राज्य केरल से हैं, मेरे परिवार के ही 30 लोग यहाँ हैं." अंजू का कहना था कि एशियाई खेलों के बाद अब वे 2006 में होने वाले ओलंपिक खेलों की तैयारी शुरु कर रही हैं. अंजू ने रविवार को लंबी कूद में रजत पद जीता था जबकि मंजीत कौर ने ऐथलेटिक्स में भारत को रजत पदक दिलाया था. अंजू प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर चल रही थीं लेकिन छठवीं छलांग में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन कर दूसरा स्थान हासिल किया. अंजू ने 2002 के बूसान खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और 2002 की विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया था. |
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