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भारत ने कबड़्डी का स्वर्ण पदक जीता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने एशियाई खेलों में लगातार पाँचवीं बार कबड्डी का खिताब जीतकर दोहा एशियाई खेलों में तीसरा स्वर्ण पदक हासिल किया है. भारत ने फ़ाइनल में पाकिस्तान को 35-23 से हराकर स्वर्ण पदक जीता. कबड्डी को वर्ष 1990 में बीजिंग में पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया था. कबड्डी में चैम्पियन माने जाने वाली भारत की टीम हाफ़ टाइम तक 21-14 से आगे थी और उसके बाद उसने पाकिस्तान को मैच में बिल्कुल भी हावी होने ही नहीं दिया. भारतीय खिलाड़ियों में से राकेश कुमार, कप्तान दिनेश कुमार और पंकज ने कई बार पाकिस्तान के खेमे में छापा मारा. मैच के बाद कप्तान दिनेश कुमार का कहना था, " मुझे पहली बार कप्तानी सौंपी गई थी और मैं चाहता था कि टीम मेरी कप्तानी में स्वर्ण जीते." इसके अलावा भारत के निशानेबाज़ विजय कुमार और रोइंग में किरण यालामाँची और वीरेंद्र सिंह ने भी भारत के लिए कांस्य पदक जीते. महिलाओं की हॉकी में भारत में मलेशिया को 4-2 से हराया. बैडमिंटन में भी साइना प्री-क्वाटर फ़ाइनल में पहुँच गईं हैं. टेनिस में भी सानिया मिर्ज़ा और शिखा ओबेराय की जोड़ी महिलाओं के फ़ाइनल में पहुँच गई है. उन्होंने सेमी फ़ाइनल में उजबेकिस्तान की टीम को हराया. | इससे जुड़ी ख़बरें दोहा में पेस-भूपति ने किया निराश05 दिसंबर, 2006 | खेल भारतीय निशानेबाज़ों का शानदार प्रदर्शन03 दिसंबर, 2006 | खेल कोनेरू हम्पी ने दिलाया पहला स्वर्ण04 दिसंबर, 2006 | खेल दोहा में एशियाई खेलों की शुरुआत01 दिसंबर, 2006 | खेल भारत की कांस्य पदक से शुरुआत03 दिसंबर, 2006 | खेल 'कड़ी मेहनत का बड़ा अच्छा अंजाम'05 अगस्त, 2006 | खेल खेल अधिकारी अपना रवैया बदलें: बिंद्रा30 जुलाई, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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