BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 22 अक्तूबर, 2006 को 13:25 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'खिलाड़ियों पर नमाज़ के लिए ज़ोर नहीं'
पाकिस्तानी टीम
पाकिस्तान टीम को अभ्यास के दौरान नमाज़ पढ़ते देखा जा सकता है
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के नए अध्यक्ष नसीम अशरफ़ ने कहा है कि पाकिस्तानी टीम सार्वजनिक रूप से अपने धार्मिक विश्वास का प्रदर्शन ना करे.

नसीम अशरफ़ उस धारणा को लेकर चिंतित हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी टीम में उन्हीं खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा जो धर्मपरायण मुसलमान हैं.

उन्होंने प्रतिबंध झेल रहे कप्तान इंज़माम-उल-हक़ से भी इस मुद्दे पर चर्चा की है. चैम्पियंस ट्रॉफ़ी में पाकिस्तानी की कप्तानी यूनिस ख़ान कर रहे हैं.

नसीम अशरफ़ ने कहा, "मैंने उन्हें स्पष्ट रूप से कह दिया है कि उन खिलाड़ियों पर कोई दबाव नहीं होना चाहिए जो नियमित रूप से नमाज़ नहीं अदा करते और उन पर इसके लिए ज़ोर भी नहीं होना चाहिए."

आश्वासन

उन्होंने बताया कि इंज़माम ने उन्हें आश्वासन दिलाया है कि किसी भी खिलाड़ी पर ऐसा कुछ करने का दबाव नहीं होगा जो वे नहीं करना चाहते.

युसूफ़ योहाना अब मोहम्मद युसूफ़ बन गए हैं

हाल के वर्षों में पाकिस्तानी टीम में धर्म की अहमियत और बढ़ी है. युसूफ़ योहाना के नाम से पाकिस्तानी टीम की ओर खेलने वाले अब मोहम्मद यूसुफ़ हो गए हैं.

वर्ष 2005 में उन्होंने ईसाई धर्म छोड़कर इस्लाम अपना लिया था. इसके बाद उनकी माँ ने सार्वजनिक रूप से उनसे अपने रिश्ते तोड़ने की घोषणा कर दी थी.

लेकिन युसूफ़ योहाना से मोहम्मद युसूफ़ बन चुके इस खिलाड़ी का कहना था कि उनके पास पैसा था, लोकप्रियता थी लेकिन चैन नहीं था.

पीसीबी के अध्यक्ष नसीम अशरफ़ भी मानते हैं कि धार्मिक विश्वास टीम को प्रोत्साहित करने का ज़रिया रहा है. लेकिन उनका ये भी कहना है कि धर्म और क्रिकेट में संतुलन होना चाहिए.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>