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'टेरी-लैम्पार्ड फ़िल्म में नहीं होंगे' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड के फ़ुटबॉल क्लब चेल्सी के प्रवक्ता ने कहा है कि समय की कमी के चलते क्लब के खिलाड़ी जॉन टेरी और फ्रैंक लैम्पार्ड बॉलीवुड फ़िल्म झूम बराबर झूम में विशेष भूमिका में काम नहीं कर पाएँगे. इससे पहले ख़बर आई थी कि जॉन टेरी और फ्रैंक लैम्पार्ड अभिषेक बच्चन और प्रीति ज़िंटा की फ़िल्म झूम बराबर झूम में दिखाई देंगे. लेकिन अब चेल्सी क्लब के प्रवक्ता ने कहा है, "दुर्भाग्यवश खिलाड़ियों के शेड्यूल के मुताबिक उनके पास फ़िल्म में काम करने के लिए समय नहीं है." लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि चेल्सी मैदान यानी स्टैम्फ़ोर्ड ब्रिज का फ़िल्म में इस्तेमाल किया जाएगा. प्रवक्ता का कहना था, "इस तरह के प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने वाला चेल्सी पहला क्लब है और हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं." झूम बराबर झूम की शूटिंग ब्रिटेन में चल रही है और इसे संभवत मई 2007 में रिलीज़ किया जाएगा. झूम बराबर झूम में अभिषेक बच्च्न मुख्य रोल में हैं. अपने रोल के बारे में अभिषेक ने कहा, "इस फ़िल्म में मैं चेल्सी के बहुत बड़े समर्थक की भूमिका निभा रहा हूँ. इस फ़िल्म के लिए चेल्सी ने मुझे क्लब की जर्सी भी दी है जिस पर मेरे चरित्र का नाम रिकी लिखा हुआ है." अभिषेक बच्चन ख़ुद भी चेल्सी के बहुत बड़े फ़ैन हैं और उनका कहना है कि भारत में भी चेल्सी की लोकप्रियता काफ़ी है. वहीं चेल्सी के बिजनेस डायरेक्टर पॉल स्मिथ ने फ़िल्म के बारे में कहा है, "हम बॉलीवुड की फ़िल्म में शामिल होने को लेकर काफ़ी प्रसन्न हैं. हम इससे अपने को सम्मानित महसूस कर रहे हैं कि हमें इस फ़िल्म और ऐसे अभिनेताओं के साथ जुड़ने का मौक़ा मिल रहा है." उन्होंने बताया कि इस फ़िल्म के माध्यम से वे ब्रितानी-एशियाई समुदाय तक पहुँचना चाहते हैं और चेल्सी को भारत और अन्य एशियाई देशों में एक ब्रांड की तरह स्थापित करना चाहते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अभिषेक बच्चन हैं 'सबसे सेक्सी एशियाई'24 सितंबर, 2006 | पत्रिका चेल्सी को इंग्लिश प्रीमियरशिप का ख़िताब07 मई, 2005 | खेल करण को कभी तालियाँ और कभी गालियाँ23 सितंबर, 2006 | पत्रिका मल्लिका को चाहिए औरतों का समर्थन16 सितंबर, 2006 | पत्रिका संजू बाबा अपनी फ़िल्म पर फ़िदा09 सितंबर, 2006 | पत्रिका मन मोहने वाली लगे रहो मुन्नाभाई02 सितंबर, 2006 | पत्रिका ज़िंदगी रॉक्स की जान सुष्मिता25 अगस्त, 2006 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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