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विदेशी खिलाड़ियों में भारत की रुचि | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट से जुड़े अधिकारी घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंटों को आकर्षक बनाने के लिए विदेशी खिलाड़ियों को बुलाने मे दिलचस्पी दिखा रहे हैं. भारत में जहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ख़ासा लोकप्रिय है वहीं घरेलू क्रिकेट देखने के लिए न तो भीड़ होती है और न ही प्रायोजक मिलते हैं. इतना ही नहीं इन टूर्नामेंटों में भारत के बड़े खिलाड़ी कम ही हिस्सा लेते हैं. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के सचिव निरंजन शाह का कहना है कि अगर विदेशी खिलाड़ी हमारे घरेलू मैच खेलेंगे तो निश्चित तौर पर उनका खेल देखने के लिए दर्शक आएंगे. शाह ने कहा " जिस तरह से हमारे खिलाड़ी काउंटी खेलने के लिए इंग्लैंड जाते हैं उसी तरह विदेशी खिलाड़ी हमारे यहां घरेलू मैच के लिए आ सकते हैं. " इंग्लैड क्रिकेट चयन समिति के अध्यक्ष डेविड ग्रैवनी ने उस समय भारत की भी चर्चा की थी जब उन्होंने कहा था कि इंग्लैड के चोटिल खिलाड़ियों को एशेज़ शृंखला से पहले कुछ मैच खेलने का मौका दिया जाएगा. हालांकि एंड्र्यू फ्लिंटाफ और एशले जाइल्स जैसे बड़े खिलाड़ी भारत की बजाय ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में क्लब क्रिकेट खेलना पसंद करेंगे. भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पिछले दिनों घरेलू क्रिकेट के प्रसारण के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत राज्य क्रिकेट बोर्डों को भारी आमदनी होने वाली है. भारत मे कम ही ऐसा हुआ है जब विदेशी खिलाड़ी घरेलू मैचों में खेलने आए हों. साठ के दशक में वेस्ट इंडीज़ के चार तेज़ गेंदबाज़ भारत आए थे जिनसे भारतीय बल्लेबाज़ों ने तेज़ गेंदबाज़ी का सामना करने के गुर सीखे. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत-वेस्टइंडीज़ टेस्ट के लिए तैयार01 जून, 2006 | खेल खेलने से ही आता है अनुभव: मुनाफ़04 जून, 2006 | खेल क्रिकेटरों को और चमकाने की तैयारी14 जुलाई, 2006 | खेल बुधवार को होगा सचिन का फ़िटनेस टेस्ट14 जुलाई, 2006 | खेल 'तेज़ गेंदबाज़ों की एक और खेप तैयार'15 जुलाई, 2006 | खेल पूरी तरह फ़िट हैं मास्टर ब्लास्टर18 जुलाई, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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