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खेलने से ही आता है अनुभव: मुनाफ़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय गेंदबाज़ मुनाफ़ पटेल मानते हैं कि खेल के मैदान पर किसी भी खिलाड़ी का नया या पुराना होना बहुत ज़्यादा महत्वपूर्ण नहीं है क्योंकि कोई भी खिलाड़ी खेलकर ही अनुभव पाता है और उसी से उसे सीखने का मौका मिलता है. बीबीसी के साथ एक ख़ास बातचीत में मुनाफ़ ने उम्मीद जताई कि भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच खेली जा रही टेस्ट सिरीज़ में उनका प्रदर्शन बेहतर रहेगा. हालांकि एंडीगा में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक भारत के ख़िलाफ़ वेस्टइंडीज़ ने छह विकेट के नुक़सान पर 318 रन बनाए थे. दूसरे दिन के खेल में भारत की ओर से गेंदबाज़ी करते हुए मुनाफ़ पटेल ने अच्छे खेल का प्रदर्शन किया. उन्होंने कप्तान ब्रायन लारा सहित दो बल्लेबाज़ों को आउट किया. जब उनसे पूछा गया कि ऐसे में जबकि भारतीय टीम में अनुभवी गेदबाज़ों की कमी है, वो अपने प्रदर्शन को किस तरह से देख रहे हैं, उन्होंने कहा कि अनुभव खेलने से ही आता है और अगर पाँचवे दिन तक खेल चला तो बेहतर नतीजे की उम्मीद की जा सकती है. कप्तान लारा को आउट करने के लिए अपनी रणनीति की चर्चा करते हुए मुनाफ़ ने कहा, "रन तेज़ी से बन रहे थे इसलिए लाइन और लेंथ को ध्यान में रखकर गेंदबाज़ी करना ज़रूरी हो गया था. उस वक्त रन बनने से रोकना भी ज़रूरी था. मैंने इसी को ध्यान में रखकर गेंदबाज़ी की." मुनाफ़ मानते हैं कि पहला मैच खेलकर ही कोई 100वें मैच तक पहुँचता है इसलिए किसी भी खिलाड़ी के लिए सभी मैच महत्वपूर्ण होते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें एंटिगा में पहले टेस्ट मैच का स्कोर-कार्ड03 जून, 2006 | खेल एंटिगा में वेस्टइंडीज़ को अहम बढ़त03 जून, 2006 | खेल भारत-वेस्टइंडीज़ टेस्ट के लिए तैयार01 जून, 2006 | खेल दुबई के क्रिकेट प्रेमी नाराज़30 मई, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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