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ब्राज़ील की हार पर आपकी राय | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्राज़ील की टीम हारकर विश्व कप से बाहर हो गई है. ब्राज़ील को ख़िताब का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था. लेकिन टीम हार गई. फ़्रांस ने शानदार प्रदर्शन किया और ब्राज़ील के खिलाड़ी देखते रह गए. इतने स्टार खिलाड़ियों के बावजूद ब्राज़ील के प्रदर्शन ने कई सवाल खड़े किए हैं. पाँच बार की विश्व चैंम्पियन ब्राज़ील की टीम क्यों नाकाम रही? कहाँ चूक गए उनके खिलाड़ी. क्या कोच में कमी थी? अपने विचार पढ़िए ब्राज़ील की टीम चैम्पियन की तरह नहीं खेली. उनका आक्रमण कमज़ोर था और फ़्रांस ने ब्राज़ील से अच्छा खेल दिखाया. राजेंद्र सेलार, वडाला, मुंबई हमेशा ऐसा नही होता कभी कभी विश्वास भी धोखा दे जाता है. आप जो समझते है वह नही होता खेल में हार जीत तो होती है. सीपी लखाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान मैं हमेशा ब्राज़ील का समर्थन करता हूँ. लेकिन इस बार क्या हो गया नहीं पता. ब्राज़ील का दुर्भाग्य था. लेकिन चार साल बाद हम फिर ब्राज़ील को देखेंगे. राजू बलामी, नेपाल क्या पता था किसी को कि ब्राज़ील हार जाएगा. लग रहा था ब्राज़ील नहीं कोई और टीम खेल रही थी. रामशंकर भोई, नई दिल्ली ब्राज़ील से हमें काफ़ी उम्मीदें थी. कुछ समझ में नहीं आया कि ऐसा क्यों हुआ. लेकिन एक को तो हारना ही था. विकी, स्पेन मैच में अच्छा प्रदर्शन अभ्यास पर निर्भर करता है. ब्राज़ील की टीम ने अच्छा अभ्यास नहीं किया. अर्चना भारती, भोपाल ब्राज़ील की हार का मुझे बहुत दुख है. राम, नेपाल सभी लोग बोलते थे कि ब्राज़ील जीतेगा. लेकिन वह हार गया. कुमार थापा, ताईपे, ताईवान ब्राज़ील के समर्थकों के लिए यह काफ़ी निराशाजनक था. उन्होंने फ़्रांस के ख़िलाफ़ अच्छा खेल नहीं दिखाया और वे 1-0 से हार गए. सुमन कुमार, नई दिल्ली, भारत फ़्रांस के गोल मारने के बाद ब्राज़ील की टीम ने आक्रमण शुरू किया. उन्होंने आख़िरी के सात मिनट में जो खेल खेला, अगर वे पहले खेलते तो जीत सकते थे. अशोक तिवारी, घाना मेरा मानना है कि ब्राज़ील और फ़्रांस का मैच फ़िक्स था. मैं ब्राज़ील के सभी मैच देखे हैं. इस अहम मैच में ब्राज़ील के खिलाड़ियों में उत्साह की कमी दिख रही थी. अगर फ़्रांस के गोल पर ध्यान दें, तो पता चलता है कि तीन फ़्रांसीसी खिलाड़ी गोलकीपर के पास थे. जबकि ब्राज़ील के डिफ़ेंडर स्ट्राइकिंग सर्किल के बाहर थे. यह एक बार नहीं, बल्कि तीन बार हुआ. राजीव धीमान, टोरंटो, कनाडा ब्राज़ील की टीम अतिविश्वास के कारण हार गई. तरिंदर कुमार खन्ना, इटली कई लोगों के विचारों से ऐसा लग रहा है कि जो भी हुआ मुफ़्त में नहीं हुआ. उसके पीछे ज़िदान और उनकी टीम को शाबाशी देनी चाहिए. ज़िदान ने अथक परिश्रम करके सफलता हासिल की है. ब्राज़ील इसलिए हारा क्योंकि उसने ज़िदान की टीम के आगे घुटने टेक दिए. मैं तहे दिल से ज़िदान और उनकी टीम को बधाई देना चाहती हूँ. अर्चना नौटियाल, बर्लिन, जर्मनी मैंने पूरे खेल का मज़ा लिया. ज़िंदान ज़बरदस्त फ़ॉर्म में थे. सुशील नेपाल, बोस्टन ब्राज़ील की कोच अल्बर्तो परेरा हार के ज़िम्मेदार है. उन्होंने अच्छे और युवा खिलाड़ियों को मौक़ा नहीं दिया. रोनाल्डो को नहीं चुनना चाहिए था. ब्राज़ील के खेल से दुनियाभर के उसके समर्थक निराश हैं. लाल बहादुर सिंह, नीदरलैंड्स ब्राज़ील दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम है. सागर, चेंबूर, मुंबई ये तो होना ही था. कोई टीम बगैर मेहनत किए जीतना चाहेगी तो यही होगा. मुकुल, साउथॉल, इंग्लैंड ब्राज़ील की हार से निराशा तो हुई. लेकिन हार-जीत तो खेल का हिस्सा होता है. कभी हम हारते हैं तो कभी जीतते हैं. ब्राज़ील हमारी पसंदीदा टीम थी और रहेगी. इस समय उनका अच्छा दौर नहीं चल रहा. इसका मतलब ये नहीं कि उन्हें नज़रअंदाज़ किया जा सकता है. अजिताभ, नागपुर ब्राज़ील के हारने से विश्व कप में उत्साह कम हो गया है. अंशुमन, भोपाल सबसे पहली बात तो ये है कि फ़्रांस और ज़िदान एक सशक्त और सूझ-बूझ वाले खिलाड़ी हैं. ज़िदान को खेलते हुए देखना बहुत अच्छा लगा. वे इतने शांत भाव से खेल रहे थे. ब्राज़ील को हार में खिलाड़ी का ज़्यादा घमंडी होना भी कारण है. ब्राज़ील के कोच ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा नहीं किया. महेशचंद्र ढकाल, चितवन, नेपाल | इससे जुड़ी ख़बरें इस बार सांबा नहीं.........02 जुलाई, 2006 | खेल डेविड बेकम ने इंग्लैंड की कप्तानी छोड़ी02 जुलाई, 2006 | खेल अभी बूढ़ा नहीं हुआ है शेर02 जुलाई, 2006 | खेल ब्राज़ील विश्व कप से बाहर हुआ01 जुलाई, 2006 | खेल इंग्लैंड बाहर, पुर्तगाल सेमीफाइनल में01 जुलाई, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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