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अंपायर के फ़ैसले पर अपील का हक़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की बैठक में अनुशंसा की गई है कि क्रिकेट खिलाड़ी आगामी चैंपियंस ट्रॉफ़ी के दौरान अंपायरों के फ़ैसलों को तीसरे अंपायर के पास भेजने के लिए अपील कर सकते हैं. अनुशंसा के अनुसार हर पारी में कोई टीम सिर्फ़ तीन असफल अपीलें ही कर सकती है लेकिन अगर खिलाड़ी अपने फ़ैसले को लेकर सही है तो वे जितनी बार चाहें अपील कर सकते हैं. दुबई में हुई आईसीसी की बैठक में ये अनुशंसा की गई. माना जा रहा है कि लंदन में जुलाई में होने वाली आईसीसी की बैठक में इस अनुशंसा को मंज़ूरी मिल जाएगी. आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैल्कम स्पीड ने कहा कि वर्ष 2002 की चैंपियंस ट्रॉफ़ी के बाद से ही इस तरह के प्रस्ताव पर विचार हो रहा था. अंपायर के फ़ैसले पर अपील करने के प्रस्ताव को लेकर आईसीसी समिति के सदस्य बँटे हुए थे और एक मत के बहुमत से प्रस्ताव के पक्ष में फ़ैसला हुआ. तीसरे अंपायर के पास फ़ैसला भेजने के लिए खिलाड़ियों को हाथ से टीवी की शक्ल बनाते हुए इशारा करना होगा. अगर चैंपियंस ट्रॉफ़ी में ये प्रयोग सफल रहा तो इसे बाद में टेस्ट क्रिकेट में भी प्रयोग किया जा सकता है. आगामी चैंपियंस ट्राफ़ी भारत में अक्तूबर-नवंबर में होगी. सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरों के पास इयरपीस होंगे ताकि वे स्टंप से लगे माइक्रोफ़ोन की आवाज़ सुन सकें. इसके अलावा टेस्ट मैचों के दौरान कृत्रिम रोशनी का प्रयोग भी नहीं किया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें चैंपियंस ट्रॉफ़ी से वापसी चाहते हैं मैकग्रॉ04 मई, 2006 | खेल एशियाई देश करेंगे विश्व कप की मेज़बानी 30 अप्रैल, 2006 | खेल रेफ़री की भूमिका के लिए तैयार हैं श्रीनाथ27 अप्रैल, 2006 | खेल 'मैच तीन के बजाय चार जगहों पर होंगे'10 अप्रैल, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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