|
भास्करन बने हॉकी टीम के नए कोच | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन ने एक बार फिर राष्ट्रीय टीम के कोच पर गाज गिराई है. रजिंदर सिंह जूनियर को बाहर का रास्ता दिखाया गया है और एक बार फिर टीम के कोच बने हैं पूर्व कप्तान वी भास्करन. भास्करन को तीसरी बार राष्ट्रीय टीम का कोच बनाया गया है. इससे पहले वे 1998 और सिडनी ओलंपिक के समय भी भारतीय टीम के कोच रह चुके हैं. भास्करन 1980 के मॉस्को ओलंपिक के समय भारतीय हॉकी टीम के कप्तान थे और भारत ने स्वर्ण पदक जीता था. अपनी नियुक्ति के बाद भास्करन ने वादा किया कि भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी. पिछले कुछ वर्षों से टीम के ख़राब प्रदर्शन के कारण रजिंदर सिंह जूनियर को कोच पद से हटा दिया गया. भास्करन ने कहा, "छह साल बाद भारतीय हॉकी की सेवा करने का मौक़ा फिर से दिए जाने के कारण मैं ख़ुश हूँ. मैं चाहता हूँ कि मैं हॉकी को वो सब कुछ दे सकूँ जो हॉकी की बदौलत मुझे हासिल हुआ है." भास्करन ने कहा कि वे मजबूत, विश्वास से भरी और खेल के प्रति ज़्यादा केंद्रित हॉकी टीम बनाने की हरसंभव कोशिश करेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें महिला हॉकी टीम नहीं जीत पाई स्वर्ण25 मार्च, 2006 | खेल ऑस्ट्रेलिया ने जीती चैंपियंस ट्रॉफी19 दिसंबर, 2005 | खेल चैंपियंस ट्रॉफ़ी में भारत को अंतिम स्थान18 दिसंबर, 2005 | खेल भारत की पाकिस्तान पर 3-2 से जीत11 दिसंबर, 2005 | खेल पाकिस्तान ने जीती राबो बैंक हॉकी ट्रॉफ़ी22 अगस्त, 2005 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||