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तीन विकेट लेने के बाद गांगुली निलंबित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले साल तमाम उलझनों में घिरे रहे भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरभ गांगुली के लिए नए साल की शुरूआत ही एक नए विवाद के साथ हुई. सौरभ गांगुली को बंगाल और तमिलनाडु के बीच कोलकाता में हो रहे रणजी ट्रॉफ़ी मैच में पहले तो गेंदबाज़ी करने से रोक दिया गया और फिर देर से बल्लेबाज़ी के लिए पहुँचने के लिए चेतावनी दी गई. गांगुली मैच में बंगाल की तरफ़ से बहुत अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे थे और उन्होंने 15 ओवर और पाँच गेंदों में 62 रन देकर तीन विकेट भी लिए. लेकिन मुसीबत में वो पड़े गेंदबाज़ी के दौरान गेंद फेंकने के बाद पिच पर पैर रखने के कारण. क्रिकेट में विकेट के सामने के क्षेत्र में बार-बार पैर पटकने से वहाँ गड्ढा हो सकता है और इससे दूसरी छोर से गेंदबाज़ी करनेवाले खिलाड़ी को लाभ हो सकता है. इसलिए अंपायर दो बार गेंदबाज़ को चेतावनी दे सकते हैं और ना मानने पर उसे गेंदबाज़ी से निलंबित कर सकते हैं. इसलिए इस क्षेत्र को संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है और इसीलिए रणजी मैच में पहले तो अंपायर ने दो बार गांगुली को चेतावनी दी लेकिन गांगुली के तीसरी बार ग़लती करने पर अंततः अंपायर ने उन्हें पहली पारी में और गेंदबाज़ी करने से रोक दिया. मैच रेफ़री किरण मोकाशी ने कहा,"नियमों के अनुसार गेंदबाज़ गेंद फेंकने के बाद विकेट के पाँच फ़ीट के दायरे में पाँव नहीं रख सकता लेकिन गांगुली बार-बार ख़तरनाक क्षेत्र में जा रहे थे". झिड़की तमिलनाडु के 218 रन पर ऑल आउट होने के बाद बंगाल की टीम बल्लेबाज़ी के लिए आई और चायकाल के पहले तक उनका स्कोर तीन विकेट पर 32 रन था. इसके बाद अंपायरों ने ख़राब मौसम के कारण खेल रोक दिया. आठ मिनट बाद खेल जब दोबारा शुरू हुआ तो उनके साथी बल्लेबाज़ तो पिच पर आ गए लेकिन गांगुली का कहीं कोई पता नहीं था. सारे खिलाड़ियों और अंपायरों को कुछ देर तक प्रतीक्षा करनी पड़ी जिसके बाद गांगुली जब आए तो अंपायरों ने उनसे बात की. रेफ़री किरण मोकाशी ने बाद में बताया कि अंपायरों ने गांगुली को देर से मैदान में आने के लिए चेतावनी दी. लेकिन साथ ही उन्होंने कहा,"लेकिन उनपर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा या किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी क्योंकि ये केवल संवादहीनता के कारण हुआ". तमिलनाडु टीम के मैनेजर ने भी इसे एक मामूली घटना बताते हुए कहा कि दरअसल गांगुली ये समझ बैठे कि पूरे दिन का ही खेल रद्द कर दिया गया है और उन्होंने अपने दस्ताने-पैड आदि निकाल लिए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत-पाक दौरे का अंतिम कार्यक्रम तय02 जनवरी, 2006 | खेल सौरभ चुनौती स्वीकार करने को तैयार03 जनवरी, 2006 | खेल भारत का पलड़ा भारीः इंज़माम01 जनवरी, 2006 | खेल पाक दौरे से पहले गांगुली रणजी में खेलेंगे28 दिसंबर, 2005 | खेल 'गांगुली के रणजी में न खेलने पर विवाद'26 दिसंबर, 2005 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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