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विश्व एथलेटिक्स में अंजू को मिला रजत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने विश्व एथलेटिक्स फ़ाइनल में लंबी कूद का रजत पदक हासिल किया है. मोनाको में विश्व एथलेटिक्स फ़ाइनल प्रतियोगिता में लंबी कूद के फ़ाइनल में अंजू ने 6 मीटर 75 सेंटीमीटर (6.75 मीटर) की छलाँग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया. रूस की तात्याना कोतोवा ने आठ सेंटीमीटर से अंजू को पीछे छोड़ा. उन्होंने 6.83 मीटर की छलाँग लगाकर स्वर्ण पदक जीता. अमरीका की ग्रेस अप्शॉ 6.67 मीटर की छलाँग लगाकर तीसरे नंबर पर रहीं. एक सप्ताह के भीतर अंजू बॉबी जॉर्ज की ये दूसरी उपलब्धि है. पिछले दिनों उन्होंने दक्षिण कोरिया में 16वीं एशियाई एथलेटिक्स प्रतियोगिता में लंबी कूद का स्वर्ण पदक जीता था. वहाँ उन्होंने 6.65 मीटर की छलाँग लगाई थी. अंजू भारत की पहली एथलीट हैं जिन्होंने विश्व एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कोई पदक जीता है. उन्होंने 2003 में पेरिस में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था जिसे वे अगली बार बचा पाने में नाकाम रहीं. सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मोनाको अंजू की 6.75 मीटर की छलाँग इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. इससे पहले पिछले महीने हेलसिंकी में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 6.66 मीटर की छलाँग लगाई थी. लेकिन लंबी कूद में दुनिया में सातवीं वरीयता प्राप्त अंजू हेलसिंकी में पाँचवें स्थान पर रहीं. हेलसिंकी में दूसरे नंबर पर रही थीं रूस की तात्याना कोतोवा जिन्होंने मोनाको में अंजू को पछाड़ा. तात्याना कोतोवा लंबी कूद में वरीयता क्रम में दुनिया में पहले नंबर की खिलाड़ी हैं. मोनाको में अंजू जॉर्ज के लिए चुनौती आसान नहीं थी क्योंकि उनके सामने थीं ओलंपिक चैंपियन तात्याना लेबेदेवा, विश्व चैंपियन तियाना मैडिसन और पिछली बार की विजेता इरीना सिमागाना. लेकिन हेलसिंकी में स्वर्ण जीतनेवाली तियाना मैडिसन मोनाको में नहीं उतरीं जबकि तात्याना और इरीना अपना सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन नहीं दे पाईं. |
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