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एफ्रो-एशिया श्रृंखला 1-1 से बराबर रही | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एफ्रो-एशिया कप का तीसरा और अंतिम मैच डरबन में बिना हार-जीत के फ़ैसले के ही ख़त्म हो गया. बारिश के कारण ये मैच पूरा नहीं हो पाया और श्रृंखला 1-1 से बराबर रही. एशिया एकादश और अफ़्रीका एकादश दोनों ने ही श्रृंखला में एक एक मैच जीता था. इससे पहले पहले डरबन के किंग्समीड मैदान पर टॉस जीतकर अफ्रीका एकादश ने पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया. डरबन में बारिश के कारण मैच क़रीब दो घंटे देर से शुरू हुआ और 50 से घटाकर 48 ओवर का कर दिया गया. एशिया एकादश की ओर से शोएब अख़्तर को शुरूआती सफलता अफ्रीका एकादश के कप्तान के विकेट के रूप में मिली. शोएब ने ग्राहम स्मिथ को एलबीडब्ल्यू कर दिया, वे अपना खाता तक नहीं खोल सके. उनके बाद डिपेनार ज़हीर ख़ान के शिकार बने जिनका कैच महेला जयवर्धने ने लपका. ख़राब शुरूआत तीसरा विकेट रूडोल्फ़ के रूप में गिरा जिन्हें अब्दुल रज़्ज़ाक ने रन आउट कर दिया, तब अफ्रीका एकादश का कुल स्कोर था 26 रन. चौथा विकेट गिरने में भी ज़्यादा देर नहीं लगी, ज़हीर ख़ान ने कैलिस को चार रन के निजी स्कोर पर एलबीडब्ल्यू कर दिया, चौथे विकेट की साझीदारी के लिए एक रन भी नहीं जोड़ा जा सका. पाँचवे विकेट की साझीदारी में कोई रन नहीं बना, एशविल प्रिंस को मुरलीधरन ने शोएब अख़्तर की गेंद पर कैच कर लिया, टीम का स्कोर था 26 रन. यानी 26 रन के स्कोर से आगे बढ़ने से पहले टीम ने तीन विकेट गँवा दिए. टीम का छठा विकेट गिरा केम्प के रूप में जिन्हें ज़हीर ख़ान ने एलबीडब्ल्यू आउट किया. आउट होने वाले सातवें खिलाड़ी रहे ततेंदा तैबू जिनका विकेट अब्दुल रज्ज़ाक ने लिया. शॉन पॉलॉक की 44 रनों की पारी की छोड़कर अफ़्रीका एकादश टीम का कोई भी बल्लेबाज़ देर तक नहीं टिक सका. एशिया एकादश की ओर से ज़हीर खान और शोएब अख़तर की बहतरीन गेंदबाज़ी की और अफ़्रीका एकादश की पूरी टीम 32.5 ओवरों में मात्र 106 रनों में सिमट गई. श्रृंखला में अच्छे प्रदर्शन के लिए ज़हरी खान को मैन ऑफ थ सीरिज़ का पुरस्कार दिया गया. एशिया एकादश की पारी की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही और मात्र आठ रन के स्कोर पर उसने सहवाग और शाहिद अफ़रीदी का विकेट गवां दिया. इसके आगे मैच बारिश के चलते आगे नहीं बढ़ पाया और बिना नतीजे के ही ख़त्म हो गया. इस श्रृंखला में एशियाई एकादश के कप्तान इंज़माम उल हक़ थे जबकि अफ्रीकी एकादश की कप्तानी ग्राहम स्मिथ कर रहे थे. टीम अफ़्रीकाः ग्राहम स्मिथ, शॉन पॉलक, बोएटा डिप्पेनार, एबी डीविलियर्स, जाक़स कालिस, ऐशवेल प्रिंस, मार्क बाउचर, मॉन्डे ज़ोन्डेकी, जाक़स रूडोल्फ़, निकी बोए, जस्टिन ओन्टॉन्ग, स्टीव टिकोलो, कॉलिनंस ओबुया, हीथ स्ट्रीक, टाटेंडा ताइबु, डेल स्टेन, जस्टिन केम्प और थॉमस ओडोयो(स्थानापन्न खिलाड़ी) एशियाः इंज़मामुल हक़, वीरेंदर सहवाग, कुमार संगकारा, युसूफ़ योहाना, शाहिद अफ़रीदी, अब्दुल रज़्ज़ाक़, ज़हीर ख़ान, मोहम्मद अशरफ़ुल, अनिल कुंबले, शोएब अख़्तर और आशीष नेहरा और मुथैया मुरलीधरन( स्थानापन्न खिलाड़ी) |
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