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जीत तो मिली, लेकिन सातवें नंबर पर रहे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हॉलैंड में चल रहे मिनी वर्ल्ड हॉकी में भारत आख़िरकार कोई मैच जीतने में कामयाब रहा है लेकिन इस जीत से भारत को कोई ख़ास फ़ायदा नहीं हुआ. आठ टीमों की इस प्रतियोगिता में भारत का सातवें नंबर पर ही पहुँच पाया. राबो बैंक ट्रॉफ़ी या मिनी वर्ल्ड कप हॉकी में भारत ने सातवें और आठवें स्थान के लिए हुए मैच में इंग्लैंड को 2-1 से हराने में किसी तरह कामयाबी पाई. लेकिन भारतीय हॉकी टीम के कोच रजिंदर सिंह जूनियर ने बीबीसी को बताया कि इस जीत की कोई अहमियत नहीं है. उन्होंने कहा, "पिछले मैचों के मुक़ाबले बस ये फ़र्क रहा कि हमें स्कोर मिला, टीम का प्रदर्शन तो वैसा ही है. हम बस सातवें नंबर पर आ गए हैं." राजेन्दर सिंह ने अपनी वो बात भी दोहराई जो उन्होंने जर्मनी से हार के बाद कही थी, "अगर टीम के सीनियर खिलाड़ी पासिंग और ट्रैपिंग जैसी बुनियादी चीज़ें भी नहीं कर सकते तो उन्हें खेल छोड़ देना चाहिए. भारतीय हॉकी तो चलती रहेगी." शनिवार को भारत ने इंग्लैंड पर 2-0 की बढ़त ले ली थी लेकिन इंग्लैंड ने मैच के आख़िरी मिनटों में पेनल्टी कॉर्नर के ज़रिए एक गोल उतार दिया. और मैच के अंतिम क्षणों में इंग्लैंड को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिल गया जिसे भारत किसी तरह बेकार करने में कामयाब रहा. अपने शुरुआती मैचों में भारत को स्पेन, जर्मनी और पाकिस्तान ने पीटा और इंग्लैंड के साथ सबसे नीचे धकेल दिया. फ़ाइनल मिनी वर्ल्ड कप का फ़ाइनल ओलंपिक चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच होगा. हाल में जर्मनी के हैमबर्ग में हुए चार देशों के टूर्नामेंट में आख़िरी स्थान पर रहने के बाद से पाकिस्तान का प्रदर्शन लगातार सुधरता आया है. उसने अभी तक अपने सभी मैच जीतते हुए भारत के अलावा जर्मनी और स्पेन को भी ठिकाने लगाया है. जर्मनी को तो पाकिस्तान ने 5-0 से धोया था. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के प्रदर्शन को देखते हुए लगता है कि उसे इस प्रतियोगिता में रोकना टेढ़ी खीर है. अभी तक अपने तीन मैचों में ऑस्ट्रेलिया ने 17 गोल दाग़े हैं और जिस बिजली की गति से उसके खिलाड़ी मैदान पर खेलते हैं, उसका मुक़ाबला पाकिस्तान के लिए आसान नहीं होगा. |
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