| गांगुली की अपील पर फ़ैसला गुरुवार तक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
निलंबन के ख़िलाफ़ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली की अपील पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का फ़ैसला गुरुवार तक आ सकता है. मामले की सुनवाई कर रहे दक्षिण अफ़्रीका के जस्टिस एल्बी सैक्स ने आईसीसी को सूचना दी है कि वे गुरुवार तक अपना फ़ैसला सुना सकते हैं. यानी श्रीलंका में शुरू हो रही त्रिकोणीय सिरीज़ के दो दिन पहले गांगुली के निलंबन पर फ़ैसला आ जाएगा. श्रीलंका में 30 जुलाई से त्रिकोणीय वनडे प्रतियोगिता शुरू हो रही है. पहला मैच भारत और श्रीलंका के बीच है. इस प्रतियोगिता में भारत और श्रीलंका के साथ-साथ वेस्टइंडीज़ की टीम भी खेल रही है. अप्रैल में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक दिवसीय सिरीज़ में धीमी ओवर गति के कारण सौरभ गांगुली पर छह मैचों की पाबंदी लगाई गई थी. सौरभ गांगुली दो मैचों की पाबंदी झेल भी चुके हैं. सौरभ गांगुली की एक अपील आईसीसी ने ठुकरा दी थी. अपील लेकिन सौरभ गांगुली की सहायता के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने दोबारा अपील करने का फ़ैसला किया. इसके बाद आईसीसी ने दक्षिण अफ़्रीका के जस्टिस एल्बी सैक्स को सुनवाई के लिए नियुक्त किया है. निलंबन के कारण भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली पाकिस्तान के ख़िलाफ़ आख़िरी दो एक दिवसीय मैच नहीं खेल पाए थे. अगर उनकी पाबंदी बहाल रही तो उन्हें श्रीलंका में होने वाले त्रिकोणीय एक दिवसीय सिरीज़ के चार मैचों से अलग रहना पड़ेगा. वैसे चयन समिति ने सौरभ गांगुली को 16वें खिलाड़ी के रूप में टीम में शामिल किया है. टीम की कप्तानी राहुल द्रविड़ कर रहे हैं. पिछले साल नवंबर में भी गांगुली पर दो टेस्ट मैचों की पाबंदी लगी थी लेकिन उन्होंने इसके ख़िलाफ़ अपील की और सफल रहे. उस समय पाबंदी का कारण बना था कोलकाता एक दिवसीय मैच में धीमी गति से ओवर फेंकना. |
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