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गांगुली मामले की सुनवाई के लिए नियुक्ति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली के छह मैचों के निलंबन मामले की सुनवाई के लिए दक्षिण अफ़्रीका के जस्टिस एल्बी सैक्स को नियुक्त किया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईसीसी से इस मामले पर फिर से विचार करने को कहा था. हालाँकि आईसीसी पहले बोर्ड की अपील ठुकरा चुका है. बीसीसीआई का कहना है कि आईसीसी के अपील कमिश्नर माइकल बेलॉफ़ ने अपने फ़ैसले में जिन नियमों और प्रावधानों का हवाला दिया है, वह उनमें से कुछ के ख़िलाफ़ अपील कर रहा है. इस साल अप्रैल में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक दिवसीय सिरीज़ के दौरान धीमी गति से ओवर फेंकने के कारण मैच रेफ़री क्रिस ब्रॉड ने कप्तान गांगुली पर पाबंदी लगा दी थी. आईसीसी के अध्यक्ष एहसान मानी ने एक बयान में कहा है कि यह मामला अब विवादों का निपटारा करने वाली समिति के पास भेज दिया गया है. इस मामले की सुनवाई दक्षिण अफ़्रीका के संवैधानिक मामलों के अदालत के जज एल्बी सैक्स करेंगे. निलंबन के कारण भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली पाकिस्तान के ख़िलाफ़ आख़िरी दो एक दिवसीय मैच नहीं खेल पाए थे और अगर उनकी पाबंदी बहाल रही तो उन्हें श्रीलंका में होने वाले त्रिकोणीय एक दिवसीय सिरीज़ के चार मैचों से अलग रहना पड़ेगा. पिछले साल नवंबर में भी गांगुली पर दो टेस्ट मैचों की पाबंदी लगी थी लेकिन उन्होंने इसके ख़िलाफ़ अपील की और सफल रहे. उस समय पाबंदी का कारण बना था कोलकाता एक दिवसीय मैच में धीमी गति से ओवर फेंकना. |
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