|
आख़िरकार हार गए फ़ेडरर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलियन ओपन में पुरूषों के एकल वर्ग में पिछले वर्ष के चैंपियन स्विट्ज़रलैंड के रॉजर फेडरर को रूस के मरात साफ़िन ने शिकस्त दे दी है. साफ़िन ने अपने 25वें जन्मदिन के मौक़े पर यह जीत हासिल की और अब वे ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में पहुँच गए हैं. साढ़े चार घंटे तक चले दिलचस्प मुक़ाबले में साफ़िन ने 5-7 6-4 5-7 7-6 (8-6) 9-7 से जीत हासिल की. रॉजर फेडरर इससे पहले लगातार 26 मैच जीत चुके थे और उन्हें हराना कई खिलाड़ियों का सपना बन गया था. फ़ाइनल में साफ़िन का मुक़ाबला दूसरे सेमीफ़ाइनल के विजेता से होगा, दूसरा सेमीफ़ाइनल ऑस्ट्रेलिया के लेटन हेविट और एंडी रॉडिक के बीच होगा. महिला वर्ग ऑस्ट्रेलियन ओपन के महिला वर्ग में इस बार फाइनल मुक़ाबला होगा पहली वरीयता प्राप्त लिंडसे डेवनपोर्ट और सातवीं वरीयता प्राप्त सरीना विलियम्स के बीच. जहां सरीना ने शारापोवा को कड़े मुकाबले में 2-6, 7-5,8-6 से हरा दिया. वहीं नताली डेची के ख़िलाफ सेमीफाइनल मैच में डेवनपोर्ट हारते हारते बची. विश्व की नंबर एक खिलाड़ी डेवनपोर्ट ने डेची को 2-6, 7-6, 6-4 से हराया. शारापोवा और सरीना के रोमांचक और तनावपूर्ण मुकाबले में शारापोवा ने तीन बार मैच प्वाइंट गंवाया. तीनों सेटों में पहले आगे चलने वाली शारापोवा मैच प्वाइंटों में दबाव झेल नहीं पाईं और यही उनकी हार का कारण बना. तनावपूर्ण मैच शारापोवा ने मैच की शुरुआत में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दबाव बना लिया था.
जिस आसानी से शारापोवा ने पहला सेट जीत उससे लग रहा था कि वो मैच भी तुरंत जीत जाएंगी. लेकिन सरीना ने दूसरे सेट के अंतिम क्षणों में वापसी की. तीसरे सेट को आस्ट्रेलियन ओपन महिला वर्ग के सबसे रोमांचक मुक़ाबलों में गिना जा रहा है जिसमें सेरेना ने 8-6 से जीत दर्ज़ की. इस जीत के बाद सरीना ने कहा " मैं सभी की उम्मीदों पर खरी उतरी हूं. मुझे बहुत मजा भी आया. " सरीना का कहना था " एक और फाइनल में पहुंच कर मैं बहुत खुश हुं. एक साल के बाद ये मौका फिर आया है. मैं उन सभी का धन्यवाद करती हूं जिन्होने मेरा समर्थन किया. " हार से दुखी शारापोवा ने मैच के बाद कहा कि वो इस मैच में जितना अच्छा प्रदर्शन कर सकती थीं, उतना किया. शारापोवा ने कहा " मैं दिल लगाकर खेली लेकिन जो मौके मिले उसका पूरा फायदा नहीं उठा पाई. यह मैच मौके हथियाने का ही था. " उन्होंने कहा " अगर आप मौकों का लाभ नहीं उठाते हैं तो हार ही होती है. मुझे लगता है जैसे जैसे मैच बढ़ता गया, सेरेना का खेल निखरता चला गया. " |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||