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क्रिकेट खिलाड़ियों ने दी सांत्वना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की क्रिकेट खिलाड़ियों ने सूनामी से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ितों को सांत्वना देने की कोशिश की. क्रिकेट खिलाड़ी अस्पतालों और शरणार्थी शिविरों में गए और उन्होंने उस क्रिकेट स्टेडियम का भी जायज़ा लिया जो सूनामी के कारण तबाह हो चुका है. दौरा करने वाले खिलाड़ियों में श्रीलंका की टीम के कप्तान मर्वन अटापट्टू, सनत जयसूर्या, चमिंडा वास और दिलहारा फ़र्नांडो शामिल थे. श्रीलंका में सूनामी के कारण कम से कम 28 हज़ार लोग मारे गए हैं और बहुत बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं. अटापट्टू ने कहा, "मैं जब न्यूज़ीलैंड में था तो मैं टीवी पर तबाही के दृश्य देखे थे लेकिन अपनी आँखों से इसे देखना बहुत ही बुरा लग रहा है, चारों तरफ़ तबाही ही दिख रही है." खिलाड़ी टीम के एक सदस्य उपूल चंदना की माँ से भी मिलने गए जो सूनामी की चपेट में आकर घायल हो गई हैं. सूनामी के कहर के टूटने के समय श्रीलंका की क्रिकेट टीम न्यूज़ीलैंड में थी, टीम ने अपना दौरा स्थगित करके स्वदेश लौटने का फ़ैसला किया. श्रीलंका-न्यूज़ीलैंड श्रृंखला के बाक़ी मैचों का समय अब बाद में दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड मिलकर तय करेंगे. बच गए मुरली श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज़ मुथैया मुरलीधरन सूनामी की चपेट में आने से बच गए, वे कंधे की सर्जरी के बाद श्रीलंका में ही आराम कर रहे थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के एक समचारपत्र को बताया, "मैं सिर्फ़ 20 मिनट पहले ही गैले से निकला था जहाँ सूनामी ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है, मैं बहुत ख़ुशकिस्मत हूँ कि बच गया." न्यूज़ीलैंड-श्रीलंका सीरिज़ तो स्थगित कर दी गई है लेकिन सूनामी से पीड़ित लोगों की मदद के लिए धन जुटाने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने मेलबॉर्न में एशिया एकादश और विश्व एकादश के बीच 10 जनवरी को एक विशेष मैच आयोजित करने का फ़ैसला किया है. दूसरा मैच कब और कहाँ खेला जाए इसके बारे में जानकारी अभी नहीं दी गई है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भी सूनामी से पीड़ित लोगों के लिए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. |
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