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मियाँदाद ने बोर्ड से माफ़ी मांगने को कहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कोच जावेद मियाँदाद ने पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से उन्हें हटाए जाने के बारे में सार्वजनिक माफ़ी मांगने को कहा है. मियाँदाद ने ऐसा न होने की स्थिति में बोर्ड के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की धमकी दी है. पिछले साल जून में जावेद मियाँदाद को कोच के पद से हटा दिया गया था. वैसे मियाँदाद का पीसीबी के साथ अनुबंध अप्रैल 2005 तक था लेकिन उसके पहले ही उन्हें हटा दिया गया और बॉब वूल्मर को कोच बना दिया गया. मियाँदाद के वकील मोहम्मद अली क़ुरैशी ने कहा, "जिस तरह पीसीबी ने मियाँदाद का अनुबंध ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से ख़त्म किया वह पीड़ादायक था." मियाँदाद के वकील क़ुरैशी ने कहा कि अगर बोर्ड सार्वजनिक रूप से माफ़ी नहीं मांगता है तो उसके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी. वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ मतभेद के कारण मियाँदाद ने 1999 में कोच का पद ख़ुद ही छोड़ दिया था लेकिन उन्होंने 2003 के विश्व कप में पाकिस्तान के ख़राब प्रदर्शन के बाद कोच का पद तीसरी बार संभाला. उनके कोच रहते पाकिस्तान ने शारजाह में चार देशों की प्रतियोगिता जीती, तो दक्षिण अफ़्रीका, बांग्लादेश और न्यूज़ीलैंड को टेस्ट सिरीज़ में मात दी. जावेद मियाँदाद का कहना है कि उन्हें हटाए जाने के कारण आम धारणा यही बनी है कि उन्हें प्रदर्शन के आधार पर नहीं बल्कि अन्य कारणों से पद से हाथ धोना पड़ा है. |
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