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आलोचनाओं से आहत हैं मियाँदाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी क्रिकेट कोच जावेद मियाँदाद ने स्वीकार किया है कि टीम को भारत के हाथों मिली हाल की हार के बाद वह विचार कर रहे हैं कि अपने पद पर बने रहें या नहीं. हालाँकि पाकिस्तानी टीम के कोच पद के लिए मियाँदाद का अप्रैल 2005 तक का करार है. घरेलू श्रृंखला में भारत से भारी पराजय के बाद उनकी आलोचना हुई थी. भारत ने 15 साल बाद हुए मुक़ाबले में इस साल पाकिस्तान को एकदिवसीय सिरीज़ में 3-2 से और टेस्ट सिरीज़ में 2-1 से हराया था. मियाँदाद ने कहा, "ईमानदारी से कहूँ तो मुझे अपनी स्थिति पर दोबारा विचार करना होगा." उन्होंने कहा, "मात्र एक सिरीज़ में हार के बाद क्रिकेट बोर्ड समेत लोगों ने जिस तरह की प्रतिक्रियाएँ दीं उनसे मैं आहत हूँ. जबकि बीते एक साल में टीम का प्रदर्शन बढ़िया रहा है." पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ों में से एक मियाँदाद ने 124 टेस्ट खेलते हुए 8832 रन बनाए थे. उन्होंने 233 एकदिवसीय मैच भी खेले और 7381 रन जुटाए. इससे पहले मियाँदाद 1999 से 2001 तक पाकिस्तानी टीम के कोच रहे थे. पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड से नाख़ुश मियाँदाद कहते हैं, "टीम की आलोचना के ख़िलाफ़ बोर्ड के आगे नहीं आने की बात मैं नहीं समझ पा रहा. जबकि बोर्ड को पता है कि हम एक अच्छी टीम बना रहे हैं." उन्होंने कहा, "मात्र एक सिरीज़ में हार पर इतनी कड़ी प्रतिक्रिया. साथ ही मेरी विश्वसनीयता और मेहनत पर सवाल क्यों?" |
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