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बाल ठाकरे मिले मियाँदाद से | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के हिंदूवादी नेता बाल ठाकरे ने शुक्रवार को पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान जावेद मियाँदाद से मुलाक़ात की. बाल ठाकरे की पार्टी शिवसेना ने कई वर्ष से पाकिस्तान को मुंबई में नहीं खेलने दिया है. मगर ठाकरे ने शुक्रवार को जावेद मियाँदाद की बल्लेबाज़ी की जमकर तारीफ़ की. उन्होंने 12 साल पहले शारजाह में लगाए गए मियाँदाद के छक्के को याद किया जिसके दम पर पाकिस्तान ने भारत से मैच छीन लिया था. बाल ठाकरे ने कहा,"पाकिस्तान की वह जीत आज भी टीस देती है". विरोध ठाकरे ने भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंधों को बहाल करने का विरोध किया था और उनकी पार्टी के विरोध के कारण 1979 के बाद से पाकिस्तान मुंबई में कोई टेस्ट मैच नहीं खेल पाया. मगर ठाकरे ने कहा कि वे भारतीय खिलाड़ियों के पाकिस्तान के साथ खेलने के विरोधी नहीं हैं मगर पाकिस्तान को मुंबई में नहीं खेलने देने के उनके रूख़ में कोई बदलाव नहीं आया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जब तक भारत में आतंकवादी गतिविधियाँ करना बंद नहीं करता तब तक उसे मुंबई में नहीं खेलने दिया जाना चाहिए. एक स्थानीय टेलीविज़न चैनल के निमंत्रण पर भारत दौरे पर आए जावेद मियाँदाद ने माना कि दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों के बहाल होने से दोनों देशों के राजनीतिक संबंध भी बेहतर होंगे. मियाँदाद ने कहा कि बाल ठाकरे उन्हें एक विनम्र व्यक्ति लगे जबकि उनके बारे में उन्होंने सुना कुछ और था. आमतौर पर बाल ठाकरे को भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की बेहतरी की राह में एक मुश्किल अवरोध माना जाता है. मगर मियाँदाद से मुलाक़ात में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोग एक-दूसरे को चाहते हैं और दुश्मनी केवल राजनेताओं के मन में है. |
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