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गांगुली पर जुर्माना लगाया गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ कोलकाता टेस्ट के दौरान अंपायर के फ़ैसले से असहमति जताने के कारण भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरभ गांगुली पर मैच शुल्क का 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है. मैच के चौथे दिन जब अंपायर डैरिल ने जैक कैलिस के ख़िलाफ़ कैच आउट की अपील को अनसुना कर दिया तो भारतीय कप्तान ने अपनी नाराज़गी दिखाई. मैच रेफ़री जेफ़ क्रो ने इसे गंभीरता से लिया. क्रो ने कहा कि गांगुली का व्यवहार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मानकों के अनुरूप नहीं था और इस तरह का बर्ताव अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि कप्तान होने के नाते गांगुली को अतिरिक्त ज़िम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए. संयम भारतीय टीम के कोच जॉन राइट ने भी माना कि भारतीय खिलाड़ियो को ज़्यादा संयम से काम लेना चाहिए था. उन्होंने कहा कि खेल की प्रति दीवानगी अच्छी बात है लेकिन खिलाड़ियों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करना सीखना चाहिए. राइट ने कहा, "उन्हें अपनी भावनाओं और आक्रामकता पर नियंत्रण सीखना होगा." इस तरह के मामलों में आधिकारिक भर्त्सना के अलावा दोषी पाए गए खिलाड़ी पर उसके मैच शुल्क का 50 प्रतिशत तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. कोलकाता में ही पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एकदिवसीय मैच में भारतीय गेंदबाज़ों की सुस्ती के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने गांगुली को टेस्ट मैचों से निलंबन करने की घोषणा की थी. लेकिन इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील के बाद गांगुली यह सजा पाने से बच गए. |
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