|
सौरभ गांगुली पहले टेस्ट में खेल पाएँगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) में अपनी अपील पर सुनवाई का इंतज़ार कर रहे भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सौरभ गांगुली दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ पहला टेस्ट खेल पाएँगे. दरअसल पहले यह आईसीसी के फ़ैसले पर निर्भर था कि वह गांगुली पर दो टेस्ट मैचों की पाबंदी का फ़ैसला क़ायम रखती है या नहीं. अब भारतीय कप्तान गांगुली टेलिकॉफ़्रेंसिंग के ज़रिए टिम कासल के सामने 25 नवंबर को अपना पक्ष रखेंगे जिन्हें आईसीसी ने इस मामले की सुनवाई के लिए नियुक्त किया है. पहले 20 तारीख़ को ही गांगुली को अपना पक्ष रखने को कहा गया था. भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच 20 तारीख़ से पहला टेस्ट कानपुर में शुरू हो रहा है और इस कारण कासल का फ़ैसला जो भी हो, गांगुली पहला टेस्ट तो खेलेंगे ही ही. आईसीसी के प्रमुख मैल्कम स्पीड ने बताया, "मैच की सुबह टेलिकॉफ़्रेंस कराना अव्यवहारिक था. क्योंकि सुनवाई के बाद फ़ैसले का असर एक टीम के कप्तान के खेलने पर पड़ सकता था." धीमी गेंदबाज़ी इस महीने की 13 तारीख़ को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की 75वीं जयंती के मौक़े पर भारत और पाकिस्तान के बीच कोलकाता में एक दिवसीय मैच का आयोजन किया गया था. लेकिन भारत की ओर से धीमी ओवर गति के कारण मैच निर्धारित समय से एक घंटे से भी ज़्यादा समय तक खिंचा जिसके बाद आईसीसी रेफ़री क्लाइव लॉयड ने गांगुली पर दो टेस्ट मैचों की पाबंदी लगा दी थी. जिसके बाद भारतीय कप्तान ने आईसीसी में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की जिसकी सुनवाई के लिए टिम कासल को नियुक्त किया गया है. अब सौरभ गांगुली 25 नवंबर को टिम कासल के सामने अपना पक्ष रखेंगे. कासल को आईसीसी ने यह अधिकार दिया है कि वे या तो पाबंदी कम कर सकते हैं, उसे बढ़ा सकते हैं या फिर फ़ैसले में संशोधन कर सकते हैं. गांगुली को इसके पहले भी ऐसे ही मामले में दो बार ज़ुर्माना लगाया जा चुका है पहले सिडनी में और फिर कराची में. इसी कारण मैच रेफ़री लॉयड ने गांगुली के ख़िलाफ़ दो मैचों की पाबंदी लगाने का फ़ैसला किया था. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||