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गांगुली अब मैच खेल सकेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सौरभ गांगुली को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी से एक बड़ी राहत मिली है, आईसीसी ने उनके ख़िलाफ़ लगाए दो मैचों के प्रतिबंध को फ़िलहाल टाल दिया है. आईसीसी का कहना है कि सौरभ गांगुली की अपील को देखते हुए ऐसा किया गया है. आईसीसी ने अब अपने एक प्रतिनिधि की नियुक्ति की है जो सौरभ गांगुली की अपील की सुनवाई करेगा कि क्या वे धीमी गति से गेंदबाज़ी के लिए दोषी हैं या नहीं आईसीसी के मैच रेफ़री क्लाइव लॉयड ने सौरभ गांगुली पर दो मैचों के लिए प्रतिबंध लगा दिया था क्योंकि भारतीय टीम ने कोलकाता में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेले गए मैच में निर्धारित पचास ओवर फेंकने में ज़्यादा समय लिया था. आईसीसी ने कहा है कि जब तक गांगुली की अपील पर फैसला नहीं हो जाता तब तक वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते रह सकते हैं. सौरभ गांगुली ने इस फ़ैसले पर संतोष प्रकट किया है और समर्थन के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का आभार व्यक्त किया है. सफ़ाई अपनी सफ़ाई में गांगुली ने कहा था कि धीमी गेंदबाज़ी के पीछे दो खिलाड़ियों के बार-बार ज़ख़्मी होने और मैदान में ओस जैसे कई कारण थे. इस बीच पाकिस्तान के दो पूर्व कप्तानों इमरान ख़ान और वसीम अकरम ने इस विवाद में सौरभ गांगुली का पक्ष लिया है. उन्होंने 'हिन्दुस्तान टाइम्स' से बातचीत में कहा, "बहुत समय गेंद को सूखा रखने और गेंद बदलने में चला गया. मेरी सहानुभूति सौरभ के साथ है. मैं समझता हूँ ऐसे मामले में रेफ़री को थोड़ी ढिलाई बरतनी चाहिए थी." वसीम अकरम ने भी कहा है कि भारतीय क्रिकेट प्रशासकों को ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान से हाल में मिली पराजयों के बावजूद गांगुली पर भरोसा रखना चाहिए. |
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