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रिकी पोंटिंग ने हार का दोष पिच पर मढ़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई टेस्ट में भारत के हाथों मिली हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग ने वानखेड़े स्टेडियम के पिच की आलोचना की है. मुंबई टेस्ट के तीसरे दिन ही परिणाम निकल गया. या यों कहें कि मुंबई टेस्ट में सिर्फ़ दो दिन से कुछ ज़्यादा में ही निपट गया तो ग़लत नहीं होगा. क्योंकि पहले दिन सिर्फ़ 11 ओवर का ही खेल हुआ था. दूसरे दिन कुल 18 विकेट गिरे तो तीसरे दिन 20 विकेट. मुंबई की घूमती विकेट पर कुल 202 ओवरों का मैच हुआ और 40 विकेट गिरे. अपने बल्लेबाज़ों को घूमती विकेट पर हताश-परेशान देखते हुए और फिर दूसरी पारी में सिर्फ़ 93 रन पर सिमट जाने के बाद पोंटिंग ने पिच की जम कर निंदा की. निराशाजनक हार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पोंटिंग ने कहा, "ये विकेट टेस्ट विकेट की तरह थी ही नहीं. अच्छी सिरीज़ का यह निराशाजनक अंत था. यह सभी के लिए निराशाजनक था खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, मैच देखने आए लोगों क लिए भी क्योंकि मैच इतनी जल्दी ख़त्म हो गया." पोंटिंग ने कहा कि उन्हें पता है कि भारत की विकेट स्पिन करती है लेकिन मुंबई की विकेट पर बल्लेबाज़ ज़्यादा कुछ कर ही नहीं पा रहा था. भारतीय टीम पहली पारी में सिर्फ़ 104 रनों पर आउट हो गई थी. लेकिन दूसरी पारी में उसे 205 रन बनाने में सफलता मिली. जबकि ऑस्ट्रेलिया की टीम ने पहली पारी में 203 रन और दूसरी पारी में सिर्फ़ 93 रन बनाए थे. भारत की दूसरी पारी में माइकल क्लार्क ने छह विकेट लिए. इसका हवाला देते हुए पोंटिंग ने कहा, "मैं उस पिच के बारे में ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहता जिस पिच पर क्लार्क जैसे गेंदबाज़ ने कम समय में ही छह विकेट ले लिए." भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने पोंटिंग की इस बात से सहमति जताई कि पिच आदर्श नहीं थी लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद मैच शानदार रहा. |
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