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रविवार, 03 अक्तूबर, 2004 को 14:36 GMT तक के समाचार
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अपनी चोट को लेकर चिंतित हैं सचिन

तेंदुलकर
तेंदुलकर जानते हैं कि उनकी चोट करोड़ों लोगों की चिंता बन जाती है
क्रिकेट इतिहास में अपनी जगह बनाने वाली एक अहम सिरीज़ के साथ-साथ भारतीय टीम के सामने आज दो बड़ी परेशानियाँ भी हैं- भारतीय बल्लेबाज़ी के मौजूदा हालात और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की गंभीर चोट.

और क्रिकेटप्रेमियों के लिए फिलहाल अच्छी खबर आती नहीं दिखती. ये खुद सचिन तेंदुलकर की बातों से साफ हो जाता है. सचिन के मुताबिक उनकी चोट को जल्दी राहत मिलने की संभावना कम ही है.

एक ख़ास बातचीत में सचिन ने अपनी चोट का असर बयान किया. उन्होंने कहा, 'डॉक्टर का कहना है कि मुझे पूरे आराम की ज़रूरत है...मैं धीरे-धीरे खेलना शुरू कर सकता हूँ. ये और बात है कि मैं 15-20 मिनट से ज़्यादा बल्लेबाजी नहीं कर पा रहा हूँ, एक बार में 15 गेंदें... बस.'

चोट
 मैं सही वक्त आने से पहले ही मैदान में उतर गया तो चोट और गहरी हो सकती है. क्योंकि ये मांसपेशी अभी तक बल्लेबाजी का भार उठाने के लिए तैयार नहीं हुए हैं. मैं अभ्यास तभी कर सकता हूँ जब ये कुछ मज़बूत हो जाए.
सचिन तेंदुलकर

देखा जाए तो इस तमाम तकलीफ़ के जड़ में सचिन की बाँह की मांसपेशी में लगी चोट है. छह हफ्ते खेल से दूर रहे सचिन की मांसपेशी में आई ये तकलीफ़ कब पूरी तरह ठीक हो ये कहना मुश्किल है.

इस बारे में सचिन ने कहा, 'इस मांसपेशी को मज़बूत करना बहुत ज़रूरी है. इसी में अगर मैं सही वक्त आने से पहले ही मैदान में उतर गया तो चोट और गहरी हो सकती है. क्योंकि ये मांसपेशी अभी तक बल्लेबाजी का भार उठाने के लिए तैयार नहीं हुए हैं. मैं अभ्यास तभी कर सकता हूँ जब ये कुछ मज़बूत हो जाए.'

ज़ाहिर है भारत में क्रिकेट के इस सबसे बड़े नाम के शरीर में अगर खरोच भी जाए तो उसे चर्चा का मुद्दा बनते देर नहीं लगती. अगर सचिन की पीठ की चोट ही याद की जाए तो वो सारी फ़िक्र और चिंता भरी कहानियां भी पलभर में सामने आ जाती हैं जो उस समय क्रिकेट प्रेमियों और मीडिया के दिमाग़ पर छा गई थी.

सचिन ने कहा, 'एक दौर आ गया था जब लोग मुझे हेलो बोलने से पहले मेरी पीठ के बारे में पूछा करते थे. मुझ पर वाक़ई असर होता था.'

टीम की चिंता

लेकिन इस सब के बीच तेंदुलकर को टीम और उसके प्रदर्शन की खासी फ़िक्र है. उनका मानना है कि भारत को विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ पूरी ताक़त लगानी चाहिए. सचिन पिछले नतीज़ों के मद्देनज़र जीत मुमकिन मानते हैं, हालांकि उनके मुताबिक एकदिवसीय क्रिकेट एक अलग मुद्दा है.

उन्होंने कहा, 'इसके लिए शायद बल्लेबाज़ी क्रम ही ज़िम्मेदार है. बल्लेबाज़ी के लिए कुछ चीज़ें बेहद अहम है. उनमें से एक है आपका क्रम.. ताकि अपनी-अपनी रणनीति पहले से तय कर सकें. अगर आपको ये ही नहीं मालूम की आप कौन से नम्बर पर बल्लेबाज़ी करने उतरेंगे तो रणनीति तैयार करना मुश्क़िल हो जाता है.'

ऑस्ट्रेलिया के स्टार गेंदबाज ग्लेन मैकग्राथ और शेन वार्न को कई बार पछाड़ चुके सचिन उनकी खूबियों से पूरी तरह वाकिफ़ हैं. तेंदुलकर का मानना है कि अपने कैरियर के आखिरी पड़ाव पर खड़े होने के बावजूद ये दोनों नाम आने वाली सीरीज में भारत के आगे सबसे बड़ा खतरा बने रहेंगे.

अहम बात
 बल्लेबाज़ी के लिए कुछ चीज़ें बेहद अहम है. उनमें से एक है आपका क्रम.. ताकि अपनी-अपनी रणनीति पहले से तय कर सकें. अगर आपको ये ही नहीं मालूम की आप कौन से नम्बर पर बल्लेबाज़ी करने उतरेंगे तो रणनीति तैयार करना मुश्क़िल हो जाता है.
सचिन तेंदुलकर

उन्होंने कहा, 'उनके खिलाफ़ खेलना एक बहुत बड़ी चुनौती है. वो दोनों मैच विनर हैं. एक बल्लेबाज़ के तौर पर आप उनके आगे कभी भी पूरी तरह टीक नहीं सकते. आप ये नहीं सोच सकते कि चलो अब ये मुझे आउट नहीं कर पाएंगे. वो कभी भी एक शानदार स्पेल डालकर मुकाबले की तस्वीर पलट सकते हैं. हमारे किसी भी बल्लेबाज ने अगर उनके खिलाफ राहत की सांस ली तो वो एक बहुत बड़ी ग़लती साबित होगी.'

कुछ बातें ऐसी हैं जो शायद हर क्रिकेट प्रेमी और जानकार के ज़ुबान पर है. सचिन भी उनसे अछूते नहीं है. उन्होंने माना कि 'कहीं न कहीं पाकिस्तान दौरे से लौटने के बाद हमारी टीम अपनी लय में नहीं आ पायी. उम्मीद करता हूँ कि इस सिरीज़ में बल्लेबाज़ बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे.'

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