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बोर्ड ने अनुबंध के लिए 17 खिलाड़ी चुने | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने आख़िरकार क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए अनुबंध प्रणाली को मंज़ूरी दे दी है. इसके तहत बीसीसीआई ने 17 खिलाड़ियों को वार्षिक अनुबंध के लिए चुना है. अगले साल 30 सितंबर को इसकी समीक्षा की जाएगी. अनुबंध प्रणाली को लेकर शीर्ष खिलाड़ियों की आपत्ति के बाद ग्रेड सिस्टम को भी हरी झंडी दे दी गई है. वार्षिक अनुबंध वाले 17 खिलाड़ियों को तीन ग्रुप में बाँटा गया है और इन तीनों ग्रुप के लिए अलग-अलग राशि तय की गई है. कोलकाता में बीसीसीआई की बैठक में यह फ़ैसला किया गया. घोषणा बीसीसीआई के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने बताया कि ग्रुप ए में शामिल खिलाड़ियों को सालाना 50 लाख, ग्रुप बी के खिलाड़ियों को 35 लाख और ग्रुप सी के खिलाड़ियों को 20 लाख रुपए मिलेंगे.
डालमिया ने बताया कि इसके अलावा अनुबंध वाले खिलाड़ियों या अन्य खिलाड़ियों को सीरिज़ के लिए चुने जाने पर मैच फ़ीस भी मिलेगी. घरेलू टेस्ट मैच में खिलाड़ियों की प्रति मैच फ़ीस दो लाख और घरेलू वनडे मैच के लिए प्रति मैच फ़ीस एक लाख 60 हज़ार रुपए होगी. जबकि विदेश में हर टेस्ट मैच की फ़ीस दो लाख 40 हज़ार और हर वनडे मैच की फ़ीस एक लाख 85 हज़ार होगी. अगर अनुबंध के लिए चुने गए खिलाड़ी खेलते समय या प्रशिक्षण के दौरान घायल हो जाते हैं तो इससे उनको मिलने वाली राशि पर कोई असर नहीं पड़ेगा. 17 खिलाड़ियों को तीन ग्रुप में इस तरह रखा गया है. ग्रुप ए- सौरभ गांगुली, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंदर सहवाग और हरभजन सिंह ग्रुप बी- युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ़, ज़हीर ख़ान, इरफ़ान पठान, आशीष नेहरा, अजित अगरकर और लक्ष्मीपति बालाजी ग्रुप सी- पार्थिव पटेल, आकाश चोपड़ा और मुरली कार्तिक वैसे यह अनुबंध प्रणाली पहले से ही ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ़्रीका, इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड में काम कर रही है. |
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