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चैंपियंस ट्राफ़ी का ख़िताब वेस्टइंडीज़ को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वेस्टइंडीज़ ने आईसीसी चैंपियंस ट्राफ़ी का ख़िताब जीत लिया है. वेस्टइंडीज़ ने मेज़बान इंग्लैंड को रोमांचक फ़ाइनल में दो विकेट से हराया. एक बार फिर इंग्लैंड किसी बड़ी प्रतियोगिता का ख़िताब जीतने में नाकाम रहा. इससे पहले वह विश्व कप के फ़ाइनल में भी तीन बार पहुँच चुका है लेकिन हर बार उसे मुँह की खानी पड़ी. जबकि वेस्टइंडीज़ ने 1979 का विश्व कप जीतने के बाद पहली बार इतनी बड़ी प्रतियोगिता में ख़िताबी जीत हासिल की है. तमाम उलटफेर से भरे इस मैच में अगर किसी ने सबको आकर्षित किया तो वे थे वेस्टइंडीज़ के कर्टनी ब्राउन और इयन ब्रैडशॉ ने. दोनों खिलाड़ियों ने नौवें विकेट के लिए नाबाद 71 रनों की साझेदारी करके असंभव सी जीत को न सिर्फ़ संभव बनाया बल्कि सात गेंद रहते ही जीत दिला दी. यह एक दिवसीय मैचों में नौवें विकेट के लिए वेस्टइंडीज़ की ओर से सबसे बड़ी साझेदारी थी. इससे पहले यह रिकार्ड मैल्कम मार्शल और जोएल गार्नर के नाम था जो उन्होंने 1985 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 63 रनों की साझेदारी करके बनाया था. एक समय 147 रन पर आठ विकेट गँवा चुकी वेस्टइंडीज़ के लिए जीत काफ़ी दूर लग रही थी. टीम के सभी शीर्ष खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे. आठवें विकेट के रूप में जब चंद्रपॉल का विकेट गिरा तो शायद कप्तान लारा ने भी जीत की उम्मीद छोड़ दी होगी. लेकिन शायद क्रिकेट यही है. आख़िरी गेंद और आख़िरी खिलाड़ी तक मैच में अपनी भूमिका कैसे निभा सकता है यही दिखाया वेस्टइंडीज़ के कम अनुभवी खिलाड़ी ब्राउन और ब्रैडशॉ ने. दोनों ने संभल कर खेलते हुए जब टीम का स्कोर 200 के पार पहुँचाया तो उम्मीद जगी और फिर वही हुआ जिसकी वेस्टइंडीज़ टीम को सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी. जीत और वह भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मिनी वर्ल्ड कप कहे जाने वाली आईसीसी प्रतियोगिता में. वेस्टइंडीज़ की ओर से सबसे अधिक 47 रन बनाए चंद्रपॉल ने. जबकि ब्रैडशॉ ने 34 और ब्राउन ने 35 रन बनाए. कप्तान लारा के खाते में आए सिर्फ़ 14 रन. इंग्लैंड की ओर से सबसे ज़्यादा तीन विकेट लिए एंड्रयू फ़्लिंटफ़ ने. हार्मिसन और कॉलिंगवुड को दो-दो विकेट मिले. इंग्लैंड की पारी इससे पहले ट्रेस्कोथिक के शतक के बावजूद इंग्लैंड की टीम 49.4 ओवर में 217 रन बना कर आउट हो गई.
ट्रेस्कोथिक ने सबसे ज़्यादा 104 रन बनाए और आख़िरी ओवरों में रन आउट हुए. वनडे मैचों में यह ट्रेस्कोथिक का आठवाँ शतक है. वेस्टइंडीज़ की ओर से वैवेल हाइंड्स ने सबसे ज़्यादा तीन विकेट लिए. ब्रैडशॉ ने दो विकेट लिए जबकि गेल और ब्रैवो को एक-एक विकेट मिला. लंदन के ओवल मैदान पर वेस्टइंडीज़ के कप्तान ब्रायन लारा ने टॉस जीतकर इंग्लैंड को बल्लेबाज़ी का निमंत्रण दिया. लारा का फ़ैसला उस समय सही साबित हुआ जब सलामी बल्लेबाज़ विक्रम सोलंकी सिर्फ़ चार रन बनाकर आउट हो गए. उस समय इंग्लैंड का स्कोर सिर्फ़ 12 रन था. सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ शानदार पारी खेलने वाले कप्तान माइकल वॉन फ़ाइनल में फिसड्डी साबित हुए और सिर्फ़ सात रन ही बना पाए. झटका शुरुआती दोनों विकेट मिले ब्रैडशॉ को. इसके बाद पिच पर आए एंड्रयू स्ट्रॉस. ट्रेस्कोथिक और स्ट्रॉस ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए. लेकिन उस समय जब लग रहा था कि दोनों बल्लेबाज़ जम रहे हैं स्ट्रॉस 18 रन बनाकर रन आउट हो गए.
उसके बाद इंग्लैंड को उस समय बड़ा झटका लगा जब शानदार फ़ॉर्म में चल रहे फ़्लिंटफ़ का शानदार कैच लपका लारा ने. उसके बाद कॉलिंगवुड ने ट्रेस्कोथिक का अच्छा साथ निभाया लेकिन वे भी सिर्फ़ 16 रन ही बना सके. इस बीच ट्रेस्कोथिक ने अपना शतक पूरा किया. कॉलिंगवुड के बाद एशले जाइल्स ने भी अच्छी पारी खेली और 31 रनों का योगदान दिया. इंग्लैंड के तीन खिलाड़ी रन आउट हुए. |
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