|
मैराथन के दौरान सुरक्षा की पोल खुली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एथेंस ओलंपिक के आख़िरी दिन आख़िरी मुक़ाबले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की ख़ामी ज़ाहिर हो गई. पुरुषों के मैराथन दौड़ के दौरान एक दर्शक ने ब्राज़ील के धावक को धक्का दे दिया. ब्राज़ील के वैन्डरलेई डी लीमा उस समय सबसे आगे चल रहे थे जब ग्रीस की पारंपरिक पोशाक पहने एक दर्शक ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए उन्हें धक्का दे दिया. बाद में अन्य दर्शकों ने बीच-बचाव किया और लीमा को छुड़ायाय उस समय छह किलोमीटर की दौड़ अभी बाक़ी थी. हालाँकि लीमा थोड़ी देर बाद फिर से दौड़ में शामिल हो गए. लेकिन यह धक्का उन्हें महंगा पड़ा और आख़िरकार वे तीसरे स्थान पर रहे. इटली के स्टीफ़ेनो बाल्दिनी ने स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने दो घंटे 10 मिनट और 55 सेकेंड का समय लिया. दूसरे स्थान पर रहे अमरीका के मेब्रॉथम केफ़्लेज़िग़ी. ब्रिटेन के जॉन ब्राउन को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा. पुलिस ने इस दर्शक को गिरफ़्तार कर लिया है. उसे पुलिस स्टेशन ले जाया गया है. मुक़ाबले के बाद समाचार एजेंसी एएफ़पी से बात करते हुए लीमा ने कहा, "मैं डर गया था क्योंकि मैं नहीं जानता था कि मेरे साथ क्या होने वाला है. मुझे लग रहा था कि कहीं इस आदमी के पास चाकू या रिवॉल्वर तो नहीं है. कहीं यह मुझे मारने तो नहीं जा रहा है." लीमा ने कहा कि इस हादसे के कारण ही उन्हें तीसरा स्थान मिला. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||