|
ओलंपिक फ़ुटबॉल का स्वर्ण अर्जेंटीना को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अर्जेंटीना ने एथेंस ओलंपिक में पुरुषों की फ़ुटबॉल प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक जीत लिया है. अर्जेंटीना ने फ़ाइनल में पराग्वे को 1-0 से हराया. 52 साल बाद अर्जेंटीना ने ओलंपिक में स्वर्ण जीता है. स्टार खिलाड़ी कार्लोस तेवेज़ ने एथेंस ओलंपिक के दौरान अपना आठवाँ गोल दाग़ा और अपने देश को जीत दिला दी. शानदार प्रदर्शन 20 वर्षीय तेवेज़ ने मैच शुरू होने के 17 मिनट बाद ही पराग्वे के कई खिलाड़ियों को छकाते हुए गोल कर अपने देश को 1-0 की बढ़त दिला दी.
पराग्वे को भी मैच के दौरान कई मौक़े मिले. लेकिन दूसरे हाफ़ में उसके दो खिलाड़ियों को रेफ़री ने मैदान से बाहर भेज दिया. एमिलियो मार्टिनेज़ को अर्जेंटीना के खिलाड़ी के चेहरे पर अपनी कुहनी से मारने के कारण मैदान से भेजा गया. जबकि फ़िग्वेरेडो को जान-बूझकर गेंद हाथ से पकड़ने के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा. दो दक्षिण अमरीकी देशों अर्जेंटीना और पराग्वे के बीच फ़ाइनल मैच देखने के लिए क़रीब 41 हज़ार लोग स्टेडियम में जुटे थे. बोका जूनियर्स की ओर से खेलने वाले तेवेज़ ओलंपिक में सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने. उन्होंने प्रतियोगिता में आठ गोल किए. अर्जेंटीना की टीम 1928 और 1996 में ओलंपिक की उप-विजेता रही थी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||