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भारत कोरिया से जीता, सातवाँ स्थान मिला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय हॉकी टीम ने एथेंस ओलंपिक में सातवाँ स्थान हासिल किया है. सातवें और आठवें स्थान के लिए हुए मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 5-2 से हराया. सिडनी ओलंपिक में भी भारत को सातवाँ स्थान ही मिला था. पूरी प्रतियोगिता में अपने ख़राब प्रदर्शन से निराश करने वाली भारतीय हॉकी टीम ने अपने आख़िरी मैच में अच्छा खेल दिखाया. इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय टीम हाफ़ टाइम तक 4-0 से आगे थी. गगन अजीत सिंह ने चौथे मिनट में ही गोल करके भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी. अच्छा खेल दिखा रहे अजीत ने 11वें मिनट में भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया. 15वें मिनट में बारी थी विक्रम पिल्लै की, जिन्होंने स्कोर 3-0 कर दिया. 33 वें मिनट में गोल करके प्रभजोत सिंह ने भारत की बढ़त 4-0 कर दी. हाफ़ टाइम के बाद भारतीय टीम एक बार फिर ज़रूरत से ज़्यादा रक्षात्मक रणनीति में नज़र आई और इसका ख़ामियाज़ा भी उसे भुगतना पड़ा. सियोंग ह्वांग जी ने 57वें मिनट में दक्षिण कोरिया की ओर से पहला गोल पेनाल्टी कॉर्नर पर किया. 59वें मिनट में एक बार फिर दक्षिण कोरिया को पेनाल्टी कॉर्नर मिला और सियोंग जुंग कांग ने गोल करके स्कोर 4-2 कर दिया. एक बार फिर ऐसा लगा कि भारतीय टीम आख़िरी मौक़े पर नाकाम न हो जाए. लेकिन आख़िरी क्षणों में एडम सिंक्लेयर ने गोल दाग़कर भारत को 5-2 से जीत दिला दी. लीग मैचों में भारत ने काफ़ी ख़राब प्रदर्शन किया था और सिर्फ़ दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मैच जीतने में उसे सफलता मिली. अर्जेंटीना जैसी टीम के ख़िलाफ़ भी भारत मैच ड्रा ही कर पाया. जबकि पाँचवें से आठवें स्थान के पहले मैच में उसे पाकिस्तान के हाथों 3-0 से हार मिली. |
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