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ओलंपिक समिति की भिड़ंत 'प्लेबॉय' से | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एथेंस ओलंपिक के आयोजकों ने खेलों को निर्विवाद बनाए रखने की अपनी लड़ाई में एक नया मोर्चा खोला है और वह है 'सॉफ़्ट पोर्नोग्राफ़ी' यानी अश्लील साहित्य के ख़िलाफ़. आयोजकों के मार्केटिंग अफ़सर ने अदालत में एक याचिका दायर करके कहा है कि बाज़ार से प्लेबॉय पत्रिका के ग्रीक संस्करण को वापस लिया जाना चाहिए. उनका कहना है कि वयस्कों की इस पत्रिका में जिस तरह के शीर्षक दिए गए हैं उससे ओलंपिक की छवि पर बुरा असर पड़ता है. उन्होंने पत्रिका में दिए गए '2004 सेकंड्स ऑफ़ एक्सटेसी' और 'गो फॉर सेक्साथन' जैसे शीर्षकों का ज़िक्र किया है. अधिकारियों का कहना है कि यह ओलंपिक का घोर अपमान है. प्लेबॉय में एक शीर्षक 'जियानास वाइल्ड रॉग एंड रोल' भी है जिस पर अधिकारियों को आपत्ति है. उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के चेयरमैन जैक़ रॉग हैं और एथेंस 2004 की प्रमुख जियाना एंजेलोपॉलस दसकलाकी हैं. इस पत्रिका में कंडोम से ओलंपिक रिंग भी बना हुआ दिखाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि अदालत में प्रतीक चिह्नों के अधिकार और छवि बिगाड़ने के मामले को लेकर मामला दायर किया गया है. एथेंस 2004 के प्रवक्ता का कहना है, "यह ओलंपिक के प्रतीक चिह्नों की छवि को बचाने का मामला है." भारी बिक्री जबकि ग्रीस में प्लेबॉय के क़ानूनी प्रतिनिधि का कहना है कि इस विवाद के बाद से पत्रिका धड़ाधड़ बिक रही है. समाचार एजेंसी एएफ़पी से स्टेलियस माइकलोपोलस ने कहा, "उन्होंने हमारा इतना नकारात्मक प्रचार किया है कि हमें यक़ीन है कि हमारी पत्रिका के अगस्त अंक की एक-एक प्रति बिक जाएगी." वैसे इस बार पुरुषों की कई पत्रिकाओं के ओलंपिक विशेषांकों में कई ओलंपिक खिलाड़ियों ने फ़ोटो ख़िंचवाए हैं. इनमें प्लेबॉय, एफ़एचएम और मैक्सिम प्रमुख है. खेलों को निर्विवाद रखने के लिए इस बार आयोजकों ने अपनी ओर से भरसक प्रयास किया है कि इस बार नशीली दवाओं को रोका जाए और उन्होंने कई स्तर पर जाँच की व्यवस्था की है. |
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