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ताकि ज़हीर ख़ान को वक़्त मिल सके | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के क्रिकेट कप्तान सौरभ गांगुली ने कहा है कि ज़हीर ख़ान को हॉलैंड और इंगलैंड के दौरे से इसलिए बाहर रखा गया है ताकि अपने खेल की रफ़्तार फिर से पकड़ने के लिए उन्हें कुछ वक़्त मिल सके. गांगुली ने कहा कि कुछ वक़्त मिलने से ज़हीर ख़ान को ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ भारत में होने वाली सिरीज़ के लिए अच्छी तैयारी का मौक़ा मिल सकेगा. गांगुली ने कहा, "ज़हीर अच्छी गेंदबाज़ी नहीं कर पा रहे थे और उन्हें अपनी रफ़्तार पकड़ने के लिए कुछ आराम की ज़रूरत थी. जब वह फ़िट होते हैं तो बहुत ही अच्छे गेंदबाज़ होते हैं." ग़ौरतलब है कि ज़हीर ख़ान के स्थान पर अजीत अगरकर को टीम में शामिल किया गया है. भारतीय कप्तान ने कहा कि ज़हीर ख़ान को आराम के लिए वक़्त मिलना उनके भविष्य के लिए अच्छा है लेकिन गांगुली ने इन ख़बरों का खंडन किया कि ज़हीर पूरी तरह फ़िट नहीं होते हुए भी एशिया कप में खेले. "उन्होंने हर दिन नेट अभ्यास किया था और फ़िटनेस टेस्ट पर भी खरे उतरे थे. यहाँ तक कि उन्होंने पहले मैच में संयुक्त अरब अमीरात के ख़िलाफ़ बहुत अच्छी गेंदबाज़ी की थी." गांगुली ने कहा कि उसके बाद अगले मैच में ज़हीर ख़ान की एक नस खिंच गई फिर भी श्रीलंका के ख़िलाफ़ फ़ाइनल मैच से पहले उन्होंने दर्द से उबरने में काफ़ी मेहनत की थी. पिछले 14 फ़ाइनल मैचों में से 13 में भारत की हार के बारे में सौरभ गांगुली ने कहा कि उनकी टीम को ढीलीढाली नहीं कहा जा सकता है, अलबत्ता टीम को फ़ाइनल मैचों में और अच्छा खेल दिखाने की ज़रूरत है. भारत ने दो साल पहले इंगलैंड के ख़िलाफ़ लॉर्ड्स मैदान अपना फ़ाइनल मैच जीता था और वह भी 326 रन के स्कोर का पीछा करते हुए. |
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