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आईसीसी की सुपर सिरीज़ की घोषणा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, आईसीसी ने घोषणा की है कि वह 30 साल बाद अब एक बार फिर से सुपर सिरीज़ प्रतियोगिता शुरू करेगी. ये सिरीज़ अगले साल यानी 2005 में शुरू होगी. इसमें दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम को शेष विश्व की टीम के साथ खेलना होगा. दोनों टीमें छह दिवसीय टेस्ट और तीन एकदिवसीय मैच खेलेंगी. मेलबॉर्न और सिडनी में ये प्रतियोगिता आयोजित करने की योजना है और पुरस्कार राशि लगभग नौ लाख 28 हज़ार पाउंड होगी. आईसीसी प्रमुख माइकल स्पीड ने कहा, "आईसीसी सुपर सिरीज़ शुरू करने का मतलब होगा इसका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर पर प्रमुख प्रतियोगिता के रूप में आयोजन होना." उनका कहना था कि क्रिकेट में राष्ट्रीय टीमें तो शेष विश्व की टीमों के विरुद्ध खेलती रही हैं और इनसे काफ़ी अच्छा क्रिकेट देखने को भी मिलता रहा है. स्पीड ने कहा, "दुर्भाग्य से हाल के वर्षों में जिस तरह का क्रिकेट कैलेंडर बन रहा है उससे इस तरह के खेल कराना काफ़ी मुश्किल हो रहा है. यही वजह है कि ये तय कार्यक्रम के हिसाब से नहीं हो पाया." आईसीसी प्रमुख के अनुसार इस करह का क्रिकेट काफ़ी रोमांचक होगा जहाँ दुनिया की बेहतरीन टीम का मुक़ाबला बाक़ी दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों की टीम से हो. अंतिम बार ऐसा मुक़ाबला 1971-72 में हुआ था जब विश्व एकादश का प्रतिनिधित्व गारफ़ील्ड सोबर्स ने किया था. इस टीम में भारतीय स्पिनर बिशन सिंह बेदी के साथ ही ज़हीर अब्बास, इंतख़ाब आलम, टोनी ग्रेग, रोहन कन्हाई और क्लाइव लॉयड शामिल थे. विश्व एकादश की टीम का चयन एक विशेष चयन पैनल करेगा. |
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