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अमरीका में क्रिकेट टूर्नामेंट का इंतज़ार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में बेसबॉल और बास्केटबॉल के दीवानों के बीच क्रिकेट प्रेमी अपने-आपको वंचित महसूस करते हैं, टेलीविज़न पर मैच देखकर ही उन्हें संतोष करना पड़ता है. लेकिन अब वहाँ भी एक क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू की जा रही है जिसमें कई जाने-माने क्रिकेटर हिस्सा लेंगे. अमरीका के कई शहरों में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता को लेकर दक्षिण एशियाई बिरादरी में ख़ासा उत्साह है. जुलाई महीने के शुरू में होने वाली इस प्रतियोगिता का आयोजन अमेरिकन प्रोफ़ेशनल क्रिकेट लीग नाम की संस्था कर रही है. यह प्रतियोगिता आईसीसी ट्रॉफ़ी की ही तरह 20-20 ओवरों की होगी, क्रिकेट खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अमरीका पहुँच रहे हैं. नामी खिलाड़ी इसमें ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज़ और भारत के जाने-माने खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं.
भारतीय खिलाड़ियों की सूची में अजय जाडेजा, निखिल चोपड़ा, विनोद कांबली, संजय बांगड़ और दीप दासगुप्ता जैसे नाम शामिल हैं. ऑस्ट्रेलिया के कॉलिन मिलर और वेस्टइंडीज़ के मर्वन डिल्लन का खेल भी अमरीकी जनता को देखने को मिलेगा. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलेक स्टुअर्ट के भी आने की ख़बर थी लेकिन उनके न आने से दर्शकों को थोड़ी निराशा हुई है. आयोजक इस टूर्नामेंट में अमरीका की कई स्थानीय टीमें भी हिस्सा ले रही हैं, इन टीमों के नाम बेसबॉल टीमों की ही तरह हैं, मिसाल के तौर पर--न्यूयॉर्क स्ट्रोम, न्यूजर्सी फ़ायर, फ़्लोरिडा थंडर और टेक्सस ऐरोहेड आदि.
इस प्रतियोगिता के आयोजक कल्पेश पटेल कहते हैं, "मैं समझता हूँ कि बीस-बीस ओवर के मैच में जो बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी देखने को मिलेगी उसका मज़ा ही कुछ और होगा." पटेल बताते हैं कि इस टूर्नामेंट में बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ दोनों ही स्पेशलिस्ट होंगे यानी वे सिर्फ़ गेंदबाज़ी या बल्लेबाज़ी करेंगे. अजय जाडेजा और अंशुमन गायकवाड़ इस प्रतियोगिता के सिलसिले में पहले अमरीका आ चुके हैं और दोनों को इस टूर्नामेंट से काफ़ी उम्मीदें हैं. अमरीका में बेसबॉल, बास्केटबॉल, टेनिस और गोल्फ़ लोकप्रिय खेल हैं लेकिन दक्षिण एशिया और वेस्टइंडीज़ से वहाँ जाकर बसे लोगों का क्रिकेट प्रेम कम नहीं है. अमरीका में भी लाखों लोग टीवी पर चिपककर क्रिकेट मैचों का आनंद लेते हैं लेकिन अब स्टेडियम में बैठकर मैच देखने का उनका सपना भी साकार होने वाला है. वर्ष 2007 का वर्ल्ड कप वेस्टइंडीज़ में होने वाला है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद कुछ मैचों का आयोजन अमरीका में भी कराने की सोच रहा है. आयोजकों का कहना है कि इस प्रतियोगिता से वर्ल्ड कप के लिए माहौल बनाने में मदद मिल सकती है. कल्पेश पटेल कहते हैं कि इस आयोजन के लिए धन की कोई कमी नहीं है और वे इस प्रतियोगिता को बिना किसी आर्थिक सहायता के तीन वर्षों तक चला सकते हैं. |
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