|
ग्रीस से चली ओलंपिक की मशाल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ओलंपिक की मशाल दुनिया भर के सफ़र के लिए बुधवार को ग्रीस से निकल पड़ी है. इस तरह एथेंस ओलंपिक की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. खेल शुरू होने में अब दो महीने से भी कम का समय रह गया है. ये मशाल सभी पाँचों महाद्वीपों में ले जाई जाएगी जिसमें पहली बार अफ़्रीकी और दक्षिणी अमरीकी देश भी शामिल होंगे. ये मशाल शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई शहर सिडनी पहुँच रही है. पिछला ओलंपिक वर्ष 2000 में वहीं हुआ था. सिडनी में 400 मीटर दौड़ की विजेता कैथी फ़्रीमैन सबसे पहले इस मशाल को लेकर आगे बढ़ाएँगी. अगले पाँच सप्ताह में ये मशाल दुनिया भर में घुमाई जाएगी और हज़ारों लोग इसे एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाएँगे. ओलंपिक मशाल कुल मिलाकर 30 देशों में जाएगी. एथेंस ओलंपिक आयोजन समिति के प्रमुख गिआना एंजेलोपोलस ने कहा कि ये मशाल एथेंस ओलंपिक का संदेश दुनिया भर में फैलाएगी. उनका कहना था ये खेल पहले के ओलंपिक से अलग होंगे और इसका आयोजन स्थल काफ़ी अच्छा होगा. काफ़ी समय से ये विवाद चल रहा है कि खेलों के शुरू होने के समय तक एथेंस में स्टेडियम और अन्य सुविधाएँ पूरी तरह ठीक हो पाएँगी या नहीं. मगर अब आयोजकों को उम्मीद है कि इन बातों से हटकर लोगों का ध्यान खेलों में प्रतियोगिता पर केंद्रित होगा. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रमुख जैकस रोग का कहना है कि ओलंपिक मशाल एकता की भावना दुनिया भर में फैलाएगी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||