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मार्टिना 28 साल छोटी खिलाड़ी के सामने | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टेनिस की दुनिया में एक मिसाल बन चुकी मार्टिना नवरातिलोवा फ्रेंच ओपन में मंगलवार को ख़ुद से 28 साल छोटी खिलाड़ी से भिड़ रही हैं. 18 बार ग्रैंड स्लेम चैंपियन रह चुकीं नवरातिलोवा किसी ग्रैंड स्लैम टेनिस प्रतियोगिता में एकल मुक़ाबले में उतर रही हैं. 47 वर्षीय नवरातिलोवा वर्षों मंगलवार को फ्रेंच ओपन में ख़ुद से 28 साल छोटी 19 साल की गिज़ेला डुलको के सामने मैदान में होंगी. दिलचस्प बात ये है कि नवरातिलोवा ने जब अंतिम दो बार फ्रेंच ओपन ख़िताब जीता था तब गिज़ेला डुल्को पैदा भी नहीं हुई थीं. नवरातिलोवा 1994 में कोंचिता मार्तिनेज़ से विम्बलडन का ख़िताब हार गई थीं और तभी से वह एकल मुक़ाबले में नहीं उतरी हैं. नवरातिलोवा कहती हैं, "एकल मुक़ाबलों के लिए तैयारी करने से युगल मुक़ाबलों में मदद मिलती है. इसलिए मेरी योजना यही है कि ज़्यादा से ज़्यादा मैच खेलूँ और एकल मुक़ाबलों में उतरना उसी का एक नुस्ख़ा है." नवरातिलोवा एकल मुक़ाबलों में फिर से ज़ोरआज़माइश करने में ज़रा भी नहीं घबरा रही हैं.
वह कहती हैं, "डरने की भला क्या बात है, मैं कोई माइक टायसन के ख़िलाफ़ रिंग में थोड़ी ही उतर रही हूँ." लेकिन टेनिस कोर्ट में उनकी वापसी से खिलाड़ियों में ज़्यादा उत्साह नहीं है. ग़ौरतलब है कि नवरातिलोवा को वाइल्ड कार्ड के ज़रिए खेलने का मौक़ा मिला है. तीसरी वरीयता प्राप्त एमीली मौरेस्मो का कहना था कि वाइल्ड कार्ड अगर किसी युवा खिलाड़ी को दिया जाता तो ज़्यादा अच्छा होता. "मेरा ख़याल है कि प्रतियोगिता के आयोजकों की नीति किसी ऐसे खिलाड़ी को वाइल्ड कार्ड देने की होती जो ज़्यादा लोगों को आकर्षित कर पाती." एमीली मौरेस्मो कहती हैं कि नवरातिलोवा खेल का तो आनंद लेंगी ही ऐसा वह अपने टेनिस प्रेम के लिए कर रही हैं लेकिन यह भी स्वभाविक है कि उनकी मौजूदगी से युवा महिला खिलाड़ियों पर कुछ तो असर पड़ेगा ही. जेनिफ़र कैप्रियाती का भी कहना था कि इसमें कोई शक नहीं है कि नवरातिलोवा एक बेहतरीन चैंपियन रही हैं लेकिन नए खिलाड़ियों के लिए भी रास्ता छोड़ा जाना चाहिए. विश्व में दूसरी वरीयता प्राप्त सरीना विलियम्स भी मंगलवार को मैदान में उतरेंगी और पिछले साल विम्बलडन जीतने के बाद सेव किसी ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता में यह उनकी मौजूदगी होगी. सरीना विलियम्स इवेटा बेनेसोवा से और उनकी बहन वीनस विलियम्स थाइलैंड की टैमरीन दनासुगर्न से भिड़ेंगी. पुरुष पुरुषों के मुक़ाबले में मौजूदा चैंपियन कार्लोस फ़रेरो का मुक़ाबला जर्मनी के टॉमी हॉस से होगा. फ़रेरो ने अपनी पसली में चोट के बावजूद खेलने का फ़ैसला किया है और दुनिया के नंबर तीन खिलाड़ी टॉमी हॉस से उनकी टक्कर काफ़ी कड़ी होगी. दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रोज़र फ़ेडरर बेल्जियम के क्रिस्टोफ़ विलेजन से मुक़ाबला करेंगे. रोज़र ऑस्ट्रेलियाई ओपन जीत चुके हैं और 2001 के बाद से वह फ्रेंच ओपन में पहले दौर से आगे नहीं बढ़ सके हैं. फ़ेडरर कहते हैं, "मेरा ख़याल है कि अमरीकी ओपन जीतने की ज़्यादा संभावनाएं हैं, बनिस्बत फ्रेंच ओपन के." |
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