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मुरली ने वॉल्श के रिकॉर्ड की बराबरी की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने वेस्टइंडीज़ के कॉर्टनी वॉल्श के टेस्ट क्रिकेट में 519 विकेट लेने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ हरारे टेस्ट में खेल के पहले दिन ज़ोरदार गेंदबाज़ी करते हुए उन्होंने मेज़बान टीम के छह विकेट चटखा दिए. ज़िम्बाब्वे के बल्लेबाज़ डगलस होंडू को शिकार बनाकर मुरली ने वॉल्श के रिकॉर्ड की बराबरी की, उनकी घातक गेंदबाज़ी का परिणाम ये हुआ कि ज़िब्बाब्वे की टीम सिर्फ़ 199 रन के स्कोर पर ऑल आउट हो गई. ख़ास बात ये भी है कि मुरली ने 519 विकेट लेने में सिर्फ़ नवासी टेस्ट मैच लगाए जबकि वॉल्श को इतने विकेट हासिल करने के लिए 132 मैच खेलने पड़े थे.
शेन वॉर्न ने टेस्ट क्रिकेट में 517 विकेट लिए हैं और वे 110 टेस्ट मैच खेल चुके हैं. ज़िम्बाब्वे को 199 रन पर ऑल आउट करने के बाद श्रीलंका ने बिना कोई विकेट खोए 67 रन बना लिए हैं, कप्तान अटापट्टू और सतन जयसूर्या मैदान पर डटे हैं. यह 44वाँ मौक़ा है जबकि मुरलीधरन ने एक पारी में पाँच से अधिक विकेट लिए हैं. शेन वॉर्न के अलावा मुरली ही अकेले स्पिनर हैं जिन्होंने पाँच सौ विकेट की सीमारेखा को पार किया है. एकतरफ़ा मुक़ाबला? श्रीलंका और ज़िम्बाब्वे के इस मुक़ाबले को एकतरफ़ा माना जा रहा है, यहाँ तक कहा जा रहा है कि श्रीलंका एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला 5-0 से जीत लेगा. ज़िम्बॉब्वे की टीम की कमज़ोरी का एक कारण यह भी है कि उसके कई गोरे खिलाड़ी क्रिकेट बोर्ड के साथ विवाद के कारण नहीं खेल रहे हैं. अटापट्टू ने टॉस जीतने के बाद ज़िम्बॉब्वे को पहले बल्लेबाज़ी करने के लिए आमंत्रित किया. इस मैच की एक और ख़ास बात ये है कि दोनों टीम के कप्तान--मर्वन अटापट्टू और तेतेंदा तैबू--पहली बार टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी कर रहे हैं. |
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