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वनडे का न्यूनतम स्कोर ज़िम्बाब्वे के नाम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के ख़िलाफ़ चल रहे एक दिवसीय क्रिकेट मैच में ज़िम्बाब्वे की टीम सिर्फ़ 35 रनों पर सिमट गई. यह एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी टीम का अब तक का न्यूनतम स्कोर है. इससे पहले पिछले साल के विश्व कप में कनाडा की टीम श्रीलंका के ख़िलाफ़ सिर्फ़ 36 रन बनाकर आउट हो गई थी. इसके अलावा ज़िम्बाब्वे की टीम ही 2001-02 में श्रीलंका के ख़िलाफ़ सिर्फ़ 38 रन बनाकर सिमट गई थी. रोचक बात यह है तीनों बार ये न्यूनतम स्कोर श्रीलंका के ख़िलाफ़ ही बने.
भारत की टीम का वनडे मैचों में न्यूनतम स्कोर भी श्रीलंका के ख़िलाफ़ ही है जब टीम 2000 में शारजाह में हुए मैच में सिर्फ़ 54 रन पर आउट हो गई थी. श्रीलंका के ख़िलाफ़ हरारे में हुए सिरीज़ के तीसरे मैच में ज़िम्बाब्वे की टीम सिर्फ़ 18 ओवर ही खेल पाई और खाते में रहे मात्र 35 रन. श्रीलंका की ओर से सबसे ज़्यादा विकेट चमिंडा वास के खाते में आए जिन्होंने सिर्फ़ 12 रन देकर चार विकेट चटकाए. महारूफ़ ने तीन रन देकर तीन विकेट जबकि फ़र्नांडो ने 18 रन देकर दो विकेट लिए. ज़िम्बाब्वे क्रिकेट में चल रही बग़ावत के कारण इस समय दूसरे दर्जे की टीम श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच खेल रही है जिसकी कमान तटेंडा तैबू ने संभाल रखी है. |
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