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मुल्तान में अभूतपूर्व सुरक्षा और सजावट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुल्तान पाकिस्तान के क्रिकेट कप्तान इंज़मामुल हक़ का शहर है और शहर से तक़रीबन 18 किलोमीटर दूर है मुल्तान का स्टेडियम. कुछ ही साल पहले बनाए गए इस स्टेडियम 25 से 30 हज़ार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था है. पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े इस स्टेडियम में अब तक केवल दो टेस्ट मैच खेले गए हैं और दोनों ही पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमों के बीच. दर्शॉक दीर्घाओं के नाम जाने-माने पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों के नाम पर रखे गए हैं. शीशे की चादरों से घिरा प्रेस बॉक्स है और उसके साथ ही बने हैं कमेंटेटर बॉक्स. मीडिया सेंटर की सीढ़ियों से उतरकर मैदान की तरफ़ आएं तो घास को देखकर लगता है-मानो हरी क़ालीन बिछा दी गई हो.
पहले टेस्ट के लिए स्टेडियम को दुल्हन की तरह सजाया गया है. इस मैदान पर 12 पिचों हैं. जिस पिच पर यह टेस्ट खेला जा रहा है उसे ब्रिटेन के पिच विशेषज्ञ एंड्रयू एटकिन्सन की देखरेख में बनाया गया है. मुल्तान में गर्मी बढ़ने लगी है और पसीने से तर-बतर एडकिन्सन गर्मी को लेकर ख़ासे चिंतित हैं. पाकिस्तान के कप्तान इंज़मामुल हक़ पिच को लेकर ख़ुश हैं और भारत के कप्तान राहुल द्रविड़ को ऐसा लगता है कि चौथे या पाँचवें दिन इस विकेट से स्पिनरों को मदद मिलेगी. अभेद्य घेरा सुरक्षा इंतज़ामों को देखकर लगता है कि स्टेडियम जैसे एक अभेद्य क़िले में तब्दील कर दिया गया है.
काले कपड़ों और स्वचारित हथियारों से लैस सुरक्षा बलों के घेरे में सिर्फ़ स्टेडियम ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाक़े भी हैं. इतना ही नहीं लोगों पर नज़र रखने के लिए कंप्यूटर आधारित अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली भी लगाई गई है. वर्दीधारी सुरक्षाकर्मियों के अलावा बहुत से सुरक्षाकर्मी सादे कपड़ों में भी तैनात रहेंगे. हर होटल में हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात हैं. चप्पे-चप्पे पर पुलिस की गाड़ियाँ नज़र आती हैं और खिलाड़ियों के लिए काले शीशों वाली नीले रंग की अत्याधुनिक बसों का इस्तेमाल किया जाता है. मुल्तान के लोग ऐसा सुरक्षा व्यवस्था देखकर हैरान हैं. |
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