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जीत की ख़बरों से भरे भारतीय अख़बार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लाहौर में भारत की जीत निश्चित तौर पर भारतवासियों के लिए सबसे बड़ी ख़बर थी और इस ख़बर को भारतीय समाचारपत्रों ने अपने-अपने अंदाज़ में अपने पाठकों के सामने रखा. एशियन एज की हेडलाइन है- Silence of the lambs अख़बार लिखता है कि सौरभ गांगुली, जिन्होंने पिछले डेढ़ वर्षों में भारतीय क्रिकेट को ऊँचाई दिलाने में जान लगा दी, उन्हें कोई दर्द नहीं था. स्ट्रेचर पर लेटकर मैदान से बाहर जाने के बाद, भारी-भरकम और बड़े से सैमसंग कप को उठाकर, वे मुस्कुराए और उनकी ये मुस्कान सिंधु नदी के पाट के समान चौड़ी थी, क्योंकि अभी-अभी उनके साथियों ने अपने पुराने शत्रु को, उनके घर में, आराम से 40 रन से हरा डाला था. अख़बार ने एक दूसरी ख़बर की है- Hand of God सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तानी कप्तान इंज़मामुल हक़ का जो शानदार कैच पकड़ा उसके बारे में एशियन एज लिखता है कि सचिन ने लाहौर की इस रात ये कैच पकड़ कद्दाफ़ी स्टेडियम की भारी भीड़ को चुप करा दिया. अख़बार ने ये भी लिखा है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड विजेता टीम के लिए 50 लाख रूपए के इनाम की घोषणा करने जा रहा है. पायनियर की हेडलाइन है- Dho Dala (धो डाला) अख़बार लिखता है कि फ़ाइनल के असली मैन ऑफ़ द मैच रहे इरफ़ान पठान. साथ ही अख़बार की टिप्पणी है कि अगर दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास मज़बूत करने का कोई प्रयास आज तक क़ामयाब हुआ है तो वो हुआ लाहौर के कद्दाफ़ी स्टेडियम में और देर रात को, 33,000 गवाहों के बीच, ना कि वे कोशिशें जिनपर सत्ता के गलियारों में चर्चा होती है और जिनमें चर्चा मौत की होती है. इंडियन एक्सप्रेस ने जीत की ख़बर के साथ ही एक और ख़बर दी है जिसकी सुर्ख़ी है- And then Imran walked up to PCB chief: ‘Get us a Pathan’ अख़बार लिखता है कि 47वें ओवर में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान ख़ान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन शहरयार ख़ान के पास गए और उनसे कहा- इंतहां हो गई ज़िल्लत की, हमें कोई पठान जैसा लड़का चाहिए. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की सुर्ख़ी है- Good news folks, Team India just won Lahore अख़बार लिखता है कि श्रृंखला में 2-1 से पिछड़ने के बाद बाज़ी आख़िर पलटी कैसी. हो सकता है कि भारतीय हडल यानी भारतीय खिलाड़ी जो हर सफलता के बाद सिमटकर गले मिलते हैं वह इसका कारण हो जो भारत के जूझारू जज़्बे का प्रतीक है.
डेक्कन क्रॉनिकल की सुर्ख़ी है- Team breaks a jinx in Pak, wins hearts in India अख़बार ने भारतीय खिलाड़ियों की जीत के बाद की तस्वीर छापी है और नीचे लिखा है - हम हुए क़ामयाब. अख़बार डेक्कन हेराल्ड की सुर्ख़ी है- India’s lions roar at Lahore अख़बार कहता है कि भारतीय खिलाड़ियों ने अपने ऊपर लगे चोकर्स यानी दबाव में दम तोड़ने वाली टीम के लगे तमगे को हटाकर इतिहास दोबारा लिख डाला है. हिंदुस्तान टाइम्स ने सुर्खी लगाई है- India clinch first-ever ODI series in Pak अख़बार लिखता है कि लक्ष्मण के ताबड़तोड़ 107 रन और इरफ़ान पठान के शुरू के तीन विकेटों ने भारत को श्रृंखला में 3-2 से जीत दिला दी. हिंदी अख़बार दैनिक जागरण की सुर्ख़ी है- भारत ने मैच के साथ ही श्रृंखला जीती अख़बार लिखता है कि सौरव सेना ने फ़ाइनल में हार का मिथक तोड़ने के लिए लाहौर के कद्दाफ़ी स्टेडियम को चुना और पाकिस्तान को 40 रन से हराकर सैमसंग कप के साथ करोड़ों लोगों का दिल भी जीत लिया. अमर उजाला की सुर्ख़ी है- सौरभ सेना ने लाहौर में इतिहास रचा साथ ही अख़बार ने एक ख़बर लगाई है- जीत के जश्न में डूब गया देश अख़बार लिखता है कि प्रधानमंत्री वाजपेयी के घर दीवाली थी तो दिल्ली की सड़कों पर बच्चे, बूढ़े और जवान विजयी भाव लिए झूम रहे थे. प्रधानमंत्री ने ख़ुद कुछ देर टीवी पर मैच देखा तो उपप्रधानमंत्री आडवाणी ने गांगुली को फ़ोन कर बधाई दी. राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम ने भी भारतीय टीम से कहा है कि कठिन सिरीज़ को जीतकर उन्होंने हर भारतीय के चेहरे पर मुस्कान ला दी है. साथ ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इरफ़ान पठान पर पूरे गुजरात को गर्व है. नवभारत टाइम्स की सुर्ख़ी है- एक अरब ने खेला ग्यारह का मैच, बटोरा प्यार दिया दिल का कैच अख़बार कहता है कि भारत-पाक सिरीज़ के निर्णायक मैच को टकटकी लगाए देखते भारत के एक अरब लोगों की उम्मीद पर खरा उतरते हुए सौरभ सेना ने एक बार फिर लाहौर फतह कर लिया. दैनिक भास्कर की सुर्ख़ी है- भारत ने पाक पर फ़हराया तिरंगा अख़बार लिखता है कि 14 साल बाद खेली गई संपूर्ण श्रृंखला में भारत ने न सिर्फ़ पाकिस्तानियों का दिल जीता बल्कि क्रिकेट में अपनी श्रेष्ठता का परचम भी लहरा दिया. अख़बार दैनिक हिंदुस्तान की सुर्ख़ी है- भारत ने मैच जीता, पाकिस्तान ने दिल साथ ही अख़बार लिखता है कि क्रिकेट के धुर प्रशंसक पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने अचानक कद्दाफ़ी स्टेडियम पहुँचकर सबको चौंका दिया. उन्होंने भारत और पाकिस्तान की नामचीन हस्तियों के साथ बैठकर कुछ देर तक मैच का लुत्फ़ उठाया. |
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