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भारत की ऐतिहासिक जीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लाहौर के आख़िरी एक दिवसीय मैच में भारत ने पाकिस्तान को 40 रनों से हरा कर सैमसंग कप पर क़ब्ज़ा कर लिया है. भारत के 293 रनों के जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम 253 रन बनाकर आउट हो गई. भारत ने यह सिरीज़ जीतकर नया इतिहास रचा है क्योंकि पाकिस्तान की धरती पर भारत ने पहली बार एक दिवसीय सिरीज़ जीती है. भारत की जीत में प्रमुख भूमिका निभाई वीवीएस लक्ष्मण और इरफ़ान पठान ने. लक्ष्मण ने शानदार शतक बनाया जबकि पठान ने पाकिस्तान के शुरुआती तीन विकेट झटककर उस पर दबाव बनाया. वीवीएस लक्ष्मण को मैन ऑफ़ द मैच का पुरस्कार दिया गया. मैन ऑफ़ द सिरीज़ का पुरस्कार मिला पाकिस्तान के कप्तान इंज़माम-उल-हक़ को. भारत के पूर्व फिरकी गेंदबाज़ बिशन सिंह बेदी का कहना था कि इस मैच में वीवीएस लक्ष्मण और इरफ़ान पठान की बहुत ही उम्दा पारी की बदौलत भारती की जीत का रास्ता बना. बेदी का कहना था कि दरअसल मैन ऑफ़ द मैच इरफ़ान पठान को मिलन चाहिए था. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर इमरान ख़ान का कहना था कि इरफ़ान पठान ने ग़ज़ब की पारी खेली और अपने मिज़ाज को भी दुरुस्त रखा. उन्होंने कहा कि इरफ़ान पठान में गेंदबाज़ी की ज़बरदस्त प्रतिभा है. पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बारे में इमरान ख़ान ने कहा कि अगर वे शुरू को ओवर खेलकर कुछ ज़्यादा रन बना लेते तो फिर उन्हें हराना बहुत मुश्किल होता. इमरान ख़ान का कहना था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों में परिपक्वता और रणनीतिक कमी थी और वे सिर्फ़ दबाव में आकर ही रन बनाने के बारे में गंभीर हुए. पाकिस्तानी पारी पाकिस्तान की ओर से सबसे ज़्यादा 72 रन मोईन ख़ान ने बनाए. एक समय पाकिस्तान इस स्कोर तक भी पहुँचता नज़र नहीं आ रहा था. पाकिस्तान के छह शीर्ष खिलाड़ी सिर्फ़ 96 रन पर पवेलियन लौट चुके थे, लेकिन मोईन ख़ान और शोएब मलिक ने सातवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण 99 रन जोड़कर पाकिस्तान की उम्मीद बढ़ाई. लेकिन शोएब मलिक के 65 रन पर आउट होते ही पाकिस्तान पर दबाव और बढ़ गया. मोहम्मद समी ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. भारत की ओर से पठान और बालाजी ने तीन-तीन विकेट लिए. ज़हीर ख़ान, मुरली कार्तिक और वीरेंदर सहवाग को एक-एक विकेट मिला. भारतीय पारी भारत ने जीत के लिए पाकिस्तान के सामने 294 रन का लक्ष्य रखा. भारत की ओर से लक्ष्मण ने 107 रन बनाए. इससे पहले सिरीज़ में लगातार पाँचवीं बार टॉस जीतकर पाकिस्तान के कप्तान इंज़माम-उल-हक़ ने पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया है. सचिन तेंदुलकर और वीरेंदर सहवाग ने भारत के लिए तेज़ शुरुआत की, लेकिन अपनी धमाकेदार शैली के लिए मशहूर सहवाग रन बनाने की कोशिश में 20 रन बनाकर आउट हो गए. सचिन अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहे थे और उन्होंने कुछ शानदार स्ट्रोक भी लगाए लेकिन उन्होंने एक ग़लती की और आउट हो गए. उनके खाते में आए 37 रन. पारी संभाली कप्तान गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण ने भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की और तीसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण 92 रन जोड़े.
एक बार फिर कप्तान गांगुली ने वही ग़लती दोहराई जो उन्होंने चौथे वनडे में की थी. बाहर जाती हुई गेंद से छेड़छाड़ का नतीजा उन्हें भी भुगतना पड़ा और 45 रन पर वे भी पवेलियन लौट गए. भारत को सबसे बड़ा धक्का उस समय लगा जब टीम के लिए मिस्टर भरोसेमंद कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ सिर्फ़ चार रन बनाकर चलते बने. उसके बाद युवराज (18) और मोहम्मद कैफ़ (20) ने लक्ष्मण का साथ देने की कोशिश की और तेज़ रन बनाने की कोशिश में आउट हुए. लक्ष्मण ने शानदार शतक बनाया और 104 गेंदों में 107 रन बनाए. पठान 20 और बालाजी 10 रन पर नाबाद रहे. पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद समी ने तीन विकेट और शब्बीर अहमद ने दो विकेट लिए. शोएब अख़्तर और शोएब मलिक को एक-एक विकेट मिला. |
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