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लक्ष्मण और पठान ने उम्दा पारी खेली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वीवीएस लक्ष्मण ने भारतीय पारी को बहुत अच्छी तरह संभाला. उसके साथ ही मध्यम और निचले क्रम के बल्लेबाज़ भी टिके रहे और उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान किया. लक्ष्मण का शतक बहुत ही उम्दा था. उनके बल्ले से इसकी काफ़ी दिन से उम्मीद की जा रही थी. लक्ष्मण के शानदार शतक की बदौलत ही भारतीय टीम ने 293 का विशाल स्कोर खड़ा किया. टॉस पाकिस्तानी टीम की हार में एक पहलू यह भी रहा कि कप्तान इंज़मामुल हक़ ने टॉस जीतकर एक बार फिर बल्लेबाज़ी के बजाय गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया जिसे ठीक नहीं कहा जाएगा. यह फ़ैसला उनके कम अनुभव का नतीजा था क्योंकि शायद वे मैच की रणनीति को सही तरह से समझ नहीं पाए. दरअसल उनकी हार उसी बिंदु पर रही क्योंकि लाहौर में रात को अच्छा मौसम नहीं रहता.
ख़ासतौर से रौशनी से असर पड़ता है और वहाँ बहुत से कीड़े होते हैं जिनसे फ़ील्डिंग तो मुश्किल है ही, उससे भी ज़्यादा मुश्किल है बल्लेबाज़ी. हालाँकि इस मोर्चे पर मुश्किलें दोनों ही टीमों की थीं लेकिन पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी पर ज़्यादा असर पड़ा. पठान वैसे तो भारतीय पारी का स्कोर काफ़ी ऊँचा था लेकिन फिर भी इरफ़ान पठान की बेहतरीन गेंदबाज़ी ने पासा ही पलट दिया. इस जवाँ खिलाड़ी ने भारतीय पारी को उभारा. मेरी राय में मैन ऑफ़ द मैच इरफ़ान पठान को ही मिलना चाहिए था क्योंकि उसने आज बहुत ही अच्छी, बहुत ही उम्दा गेंदबाज़ी की.
इरफ़ान पठान की गेंदबाज़ी की बदौलत ही पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ा और पर वे संभल नहीं पाए. एक और बेहतरीन कमाल था सचिन तेंदुलकर के हाथों बिल्कुल बाउंड्री पर पाकिस्तानी कप्तान इंज़मामुल हक़ का कैच लपका जाना. बस यहीं से पाकिस्तानी टीम की हार शुरू हो गई थी. |
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