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रविवार, 21 मार्च, 2004 को 23:15 GMT तक के समाचार
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पेशावर से रेहान की डायरी

यासिर हमीद के आउट होने के बाद खुश भारतीय खिलाड़ी
यासिर हमीद के 98 रनों के सहारे पाकिस्तान ने भारत को पेशावर में चार विकेट से हरा दिया था
पेशावर में मैच ख़त्म होने के बाद भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने नियमित प्रेस कॉंफ्रेंस को संबोधित नहीं किया. वो फ़ौरन अपने होटल चले गए लेकिन टीम के बाक़ी सदस्य ऐतिहासिक किस्सा ख़्वानी बाज़ार में ख़रीदारी करने निकल पड़े.

भारतीय खिलाड़ी बाज़ार में क़रीब एक घंटे रहे. ज़हीर ख़ान ने पेशावरी चप्पल ख़रीद डाली तो राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ने हाथ से बनी हुई छोटी कालीनें ख़रीदीं. जब तक ये भारतीय खिलाड़ी बाज़ार में थे सुरक्षाकर्मियों ने उस पूरे इलाक़े को घेरा हुआ था और वहाँ कोई वाहन घुसने नहीं दिया जा रहा था.

ये वही किस्सा ख़्वानी बाज़ार है जहाँ एक ज़माने में मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार के पिता की फलों की दूकान होती थी.

नेहरा मौजूद

तेज़ गेंदबाज़ अमित भंडारी शुक्रवार को पाकिस्तान पहुँच गए थे लेकिन उन्हें लाहौर में ही रहने के लिए कहा गया और वो अकेले अपने होटल के कमरे में टीवी पर मैच देखते रहे.

वे आशीष नेहरा की जगह खेलने आए हैं मगर नेहरा अभी भी टीम के साथ ही हैं.

शायद लाहौर मैचों के बाद उनकी वापसी होगी.

भारत के लिए ज़िंदाबाद

पेशावर में हालाँकि भारत से आए दर्शकों की संख्या बहुत कम थी लेकिन दर्शकों ने भारतीय खिलाड़ियों का जम कर साथ दिया.

ये शायद पहला मौक़ा था जब पाकिस्तानी दर्शकों ने किसी भारतीय खिलाड़ी के लिए ज़िंदाबाद के नारे लगाए.

ख़ासतौर से इरफ़ान पठान दर्शकों को बहुत पसंद आए. वे स्थानीय खिलाड़ी शाहिद अफ़रीदी और इरफ़ान पठान के बीच लंबा मुक़ाबला देखना चाहते थे लेकिन इरफ़ान ने अफ़रीदी को छह रन पर बोल्ड कर दिया.

कानपुर की याद

पेशावर शहर बहुत कुछ भारत के कानपुर शहर की याद दिलाता है. क़रीब 30 लाख की आबादी है यहाँ की.

सड़कों पर सिर्फ़ इक्का-दुक्का महिलाएँ दिखती हैं और वो भी बुर्के में. और तो और यहाँ विज्ञापनों में भी महिलाएँ नहीं नज़र आतीं.

बाड़ा बाज़ार यहाँ तस्करी के सामान की सबसे बड़ी मंडी है. दुनिया भर के चुनिंदा टेलीविज़न, डीवीडी प्लेयर, माइक्रोवेव और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सामान आपको यहाँ बहुत कम दाम पर मिल सकते हैं.

यहीं पर रिमझिम कॉस्मेटिक्स नाम की एक दूकान है जिसके मालिक एक सिख करतार सिंह हैं. वो बताते हैं कि पूरे पेशावर में क़रीब 500 सिख परिवार रहते हैं और उनका अपना एक गुरूद्वारा भी है.

कॉस्मेटिक्स का सारा सामान वे भारत से मंगाते हैं जो उनके पास दुबई और अफ़ग़ानिस्तान के ज़रिए पहुँचता है.

उन्हें शिकायत है कि भारत सरकार उन्हें भारत जाने के लिए वीज़ा नहीं देती. वे अपने आप को हार्डकोर पाकिस्तानी बताते हैं.

मैं उन्हें छेड़ने के लिए पूछता हूँ कि क्रिकेट मैच में किसे सपोर्ट करेंगे - भारत को या पाकिस्तान को. करतार सिंह बिना पलक झपकाए जवाब देते हैं - पाकिस्तान को.

देवू बस और शानदार सड़कें

पूरे पाकिस्तान में शानदार बस सर्विस चलाती है देवू एक्सप्रेस. बढ़िया एयरकंडीशंड बसें और बहुत मुनासिब किराए. आप फ़ोन से ही अपनी सीट आरक्षित करवा सकते हैं और वहीं आपको सीट नंबर बता दिया जाता है.

विमान की तरह इसमें बस परिचारिकाएं होती हैं जो आपको नाश्ता देती हैं. देवू बस रावलपिंडी से लाहौर तक का 285 किलोमीटर का रास्ता सिर्फ़ साढ़े चार घंटे में तय करती हैं.

लेकिन फिर पाकिस्तानी सड़कों का भी जवाब नहीं. ऐसा लगता है मानो आप किसी यूरोपीय देश में सफर कर रहे हैं.

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