|
रावलपिंडी वनडे में भारत 12 रनों से हारा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के शानदार 141 रनों के बावजूद भारत रावलपिंडी एकदिवसीय मैच हार गया है. कराची में हुए पहले एकदिवसीय मैच की तरह ही दूसरा मैच भी आख़िरी ओवरों में बहुत रोमांचक हो गया था. लेकिन इस बार का परिणाम पिछली बार से अलग रहा. पाकिस्तान ने जीत के लिए भारत के सामने 330 रन का लक्ष्य रखा था लेकिन भारतीय टीम 313 रनों पर ही सिमट गई. सचिन का शानदार खेल
जब तक सचिन मैदान में थे लग रहा था कि भारत का पलड़ा भारी है. लेकिन 17 चौकों और एक छक्के के साथ सिर्फ़ 134 गेंदों में 141 रन बनाने के बाद सचिन को शोएब मलिक की गेंद पर अब्दुल रज़्ज़ाक ने लपक लिया और इसके बाद कोई भी भारतीय बल्लेबाज़ टिक कर नहीं खेल पाया. सचिन ने न केवल एक दिवसीय मैचों में अपना 37 वाँ शतक जड़ा बल्कि वन डे मैचों में अपने 13,000 रन भी पूरे किए. पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी बिशन सिंह बेदी का कहना है कि अगर सचिन के साथ कोई अन्य बल्लेबाज़ ठीक से टिक पाता तो जीत काफ़ी क़रीब नज़र आ रही थी. बेदी का मानना है कि पाकिस्तान का टॉस जीतना भी एक अहम बात थी और उन्होंने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 329 का स्कोर खड़ा किया जो काफ़ी अच्छा था. बेदी कहते है कि एक दिवसीय मैच में अगर कोई बल्लेबाज़ी शुरू में ज़रा कमज़ोर पड़ जाए तो फिर संभलना बहुत मुश्किल होता है और यही भारतीय बल्लेबाज़ों के साथ हुआ. एक के बाद एक पाकिस्तान की तुलना में भारत का पहला विकेट भी काफ़ी शुरुआत में गिर गया था जब सहवाग 26 रन बनाकर आउट हुए. उस समय भारत का स्कोर 56 रन था. लक्ष्मण सिर्फ़ 4 रन बनाकर लौट गए तो कप्तान सौरभ गांगुली 15 रन बनाकर आउट हो गए. राहुल द्रविड़ अच्छा खेल रहे थे लेकिन वे समी के शिकार बने जिन्होंने द्रविड़ को 36 रन पर बोल्ड कर दिया. इसके बाद भारत की बल्लेबाज़ी पर दबाव बनता गया मगर इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाज़ों ने अंत-अंत तक स्थिति संभालने का प्रयास किया. आख़िरी क्षणों में रोमेश पोवार और एल बालाजी ने संघर्ष किया मगर बालाजी के रन आउट होने के बाद आशीष नेहरा उतरे और समी ने उन्हें पहली ही गेंद पर बोल्ड कर मैच को पाकिस्तान की झोली में डाल दिया. पाकिस्तान की पारी पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 329 रन बनाए थे. शोएब मलिक 30 रन बनाकर और अब्दुल रज़्जाक 31 रन बनाकर टिके रहे. आठ रनों के औसत के साथ जिस तरह भारत ने शुरुआत की थी उससे लगता था कि पाकिस्तान एक विशाल स्कोर की ओर बढ़ रहा है लेकिन आशीष नेहरा ने एक के बाद एक तीन विकेट चटकाकर पाकिस्तान के रन अभियान पर रोक लगा दी. दो विकेट तो उन्होंने दो लगातार गेंदों पर लिए. इनमें एक विकेट कप्तान इंज़माम का भी था जिन्होंने पहले वनडे में 122 रनों की भारी भरकम पारी खेली थी. आफ़रीदी की शानदार पारी वैसे पाकिस्तान की पारी के हीरो रहे शाहिद आफ़रीदी जिन्होंने 58 गेंदों में शानदार 80 रन बनाए. इन 80 रनों में 10 चौके और चार छक्के शामिल हैं.
पारी की शुरुआत करने के लिए उनके साथ आए यासिर हमीद ने भी 86 रनों का शानदार योगदान दिया. इसमें नौ चौके और एक छक्का शामिल था. पाकिस्तान की शुरुआत इतनी मज़बूत थी कि उसका पहला विकेट 138 रनों पर गिरा था और दूसरा 191 रनों पर. लेकिन इसके बाद रनों का औसत गिरने लगा और आख़िर रनों का औसत 6.58 रहा. शुरुआती दोनों विकेट युवराज सिंह ने लिए. इसके बाद नेहरा ने विकेट लेने की शुरुआत की. नेहरा ने 10 ओवरों में 44 रन देकर तीन विकेट लिए. यासिर हमीद युवराज की गेंद पर नेहरा के हाथों रन आउट हुए. ज़हीर ख़ान महंगे साबित हुए और उन्होंने सात ओवरों में 72 रन दिए जबकि उन्हें कोई सफलता भी नहीं मिली. शुरुआत पाकिस्तान के टॉस जीतने के साथ हुई और पाकिस्तान ने बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया. दोनों के बीच पाँच एकदिवसीय मैचों की सिरीज़ खेली जानी है. भारतीय टीम-- पाकिस्तान की टीम-- |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||