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बेमिसाल जीत, अभूतपूर्व कवरेज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के विरुद्ध कराची में भारत को मिली रोमाँचक जीत के बाद इसे ही भारत में अख़बारों की सुर्खियाँ में होना था और ऐसा हुआ भी. हिंदी अख़बार हों या अंग्रेज़ी सबने भारत की इसी जीत को पहली ख़बर बनाया है और ऐसा लगता है जैसे सबमें अच्छे से अच्छा शीर्षक देने की एक होड़ सी लग गई. दैनिक भास्कर की सुर्खी है, “सरहद के उस पार, रोमांच की हद पार”. अख़बार ने लिखा है कि दोनों ही ओर से रनों की बरसात हुई. अख़बार ने ख़ुशी से चीखती हुई प्रियंका गाँधी की तस्वीर भी पहले ही पेज पर छापी है. उनके साथ उनके भाई राहुल गाँधी और उनके पति रॉबर्ट वढेरा भी खड़े दिखाए गए हैं. दैनिक जागरण में भी ये तस्वीर पहले पेज पर है मगर साथ ही मैच की भी कुछ प्रमुख तस्वीरें हैं. अख़बार की इस ख़बर का शीर्षक है, “कराची में फ़तह.” अख़बार के अनुसार साँसें रोक देने वाले मुक़ाबले में भारत को पाँच रनों से जीत मिली. दैनिक हिंदुस्तान के अनुसार “भारत ने मैच जीता, पाकिस्तान ने दिल.” अख़बार के अनुसार ‘आख़िरी ओवर में कसी गेंदबाज़ी पर नेहरा ने बटोरे आशीष’ मगर अमर उजाला का कहना है कि मैच के साथ ही दिल भी भारत ने ही जीता. अख़बार के अनुसार, “सदी के सबसे रोमाँचक मुक़ाबले में भारत ने पाकिस्तान को पाँच रन से हराया.”
नवभारत टाइम्स ने शीर्षक दिया है, “भारत ने पाक की भिंची मुट्ठी से निकाला जीत का हीरा.” अख़बार ने प्रियंका गाँधी से जुड़ी एक ख़बर देते हुए लिखा है कि मैच जीता भारत ने और दिल प्रियंका ने. अख़बार के अनुसार वहाँ के लोगों ने प्रियंका और उनके भाई राहुल गाँधी का ज़ोरदार स्वागत किया. संडे टाइम्स ने इस जीत से जुड़ा द्विअर्थी सा शीर्षक लिखा है, “कराची कैप्चर्ड” जबकि संडे एक्सप्रेस के अनुसार “बिग बैंग बिगिनिंग.” अख़बारों ने मैच देखने गई प्रियंका और राहुल गाँधी की तस्वीर को खिलाड़ियों की जीत के साथ ही काफ़ी प्रमुखता से छापा है. |
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