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रावलपिंडी मैच 'दिखाने' का आदेश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत-पाकिस्तान के बीच मंगलवार को रावलपिंडी में खेला जाने वाला एक दिवसीय मैच अब दूरदर्शन पर देखा जा सकेगा. भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 'टेन स्पोर्ट्स' से कहा है कि वह दूरदर्शन को मैच दिखाने का सिगनल दे. दूरदर्शन को निर्देश दिया गया है कि मैच तो दिखाएँ लेकिन इसके साथ 'टेन स्पोर्ट्स' का 'लोगो' और लेकिन दूरदर्शन को उन विज्ञापनो को न दिखाने का अधिकार दिया गया है जिन्हें दिखाने पर भारत में प्रतिबंध है. दूरदर्शन और प्रसार भारती को आदेश दिया गया है कि वह सरकार के पास दस करोड़ रुपए जमा करवाएँ. ये आदेश सर्वोच्च न्यायालय ने केवल रावलपिंडी एक दिवसीय मैच के संबंध में दिए हैं और इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 17 मार्च होगी. भारत-पाकिस्तान मैचों के प्रसारण के सारे अधिकार 'टेन स्पोर्ट्स' के पास हैं और वह दूरदर्शन और केबल ऑपरेटरों को सिगनल देने को तैयार नहीं था. 'टेन स्पोर्ट्स' का कहना है कि उसने कई करोड़ रुपए देकर ये अधिकार लिए हैं और यदि मैच का सिगनल देने के लिए उसे केबल ऑपरेटर उपयुक्त प्रसारण फीस नहीं देते तो उसका भारी नुकसान होगा. सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर 'टेन स्पोर्ट्स' के वकील कपिल सिब्बल का कहना था कि यदि दुबई से सिगनल लेने में मुश्किल होती है तो इस आगे दूरदर्शन को देने में कठिनाई हो सकती है. |
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