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आँकड़ों की नज़र में पाकिस्तान का पलड़ा भारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय टीम पाकिस्तान दौरे पर पाँच एक दिवसीय मैच खेलेगी. मैचों के स्थान और दोनों देशों के आँकड़ों का आकलन कर हमने मैचों के संभावित परिणाम पर अपनी नज़र डाली है. क्या हो सकता है इन मैचों में. किसकी जीत हो सकती है और क्यों. आइए देखें. पहला एक –दिवसीय मैच, कराची, 13 मार्च
भारत और पाकिस्तान की टीमें कराची में तीन बार खेली हैं, जिनमें से एक-एक मैच दोनों ने जीता है और एक मैच रद्द कर दिया गया था. भारत और पाकिस्तान के बीच कराची में आख़िरी मैच 1997-98 में खेला गया था, जिसमें भारत की चार विकेट से जीत हुई थी. उस मैच के सलामी बल्लेबाज़, शाहिद अफ़रीदी ने 56 गेंदों पर 72 रन बनाए थे और इंज़माम-उल हक़ ने 74 रन बनाए थे. इस मैच में सौरभ गांगुली ने 89 रन बनाए थे. कुल मिलाकर कराची के मैच में पाकिस्तान की स्थिति मज़बूत दिखती है. संभावित परिणाम- पाकिस्तान की जीत (सिरीज़ 1 – 0) दूसरा एक-दिवसीय मैच, रावलपिंडी, 16 मार्च
रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में पाकिस्तान का जीतने का रिकॉर्ड 77 प्रतिशत है. जबकि भारतीय टीम यहाँ कभी नहीं खेली है. हालांकि मेज़बान देश इस स्टेडियम में सात दिन-रात खेले जाने वाले मैचों में से पाँच मैच जीत चुका है, लेकिन यहाँ खेले गए मैचों के बारे में कुछ और ग़ौरतलब आँकड़े भी हैं. लाइट्स में खेले गए सात मैचों में से छह मैच उस टीम ने जीते हैं जिसने बाद में बल्लेबाज़ी की है. इस कारण यहाँ टॉस जीतना काफ़ी निर्णायक हो सकता है. खेल की उन स्थितियों को हू-ब-हू दोहराने के लिए, हमने सिक्का टॉस किया. भारत ने टॉस जीता और भारत की जीत हुई. जीते हुए ज़्यादातर मैचों में सबसे ज़्यादा रन हासिल करने वाले ने तीसरे या चौथे नंबर पर बल्लेबाज़ी की है, जो गांगुली या लक्ष्मण के लिए अच्छी ख़बर है. संभावित परिणाम-भारत की जीत (सिरीज़ 1- 1) तीसरा एक-दिवसीय मैच, पेशावर, 19 मार्च
पेशावर के अरबाब नियाज़ स्टेडियम में घरेलू टीम का कोई ज़बरदस्त रिकॉर्ड नहीं रहा है, कुल आठ मैचों में से वो चार मैच ही जीती है, लेकिन भारत पेशावर में कभी भी एक-दिवसीय मैच नहीं खेला है. इसके बावजूद यहाँ पाकिस्तान का ही पलड़ा भारी रहने की संभावना है. भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान में खेले गए कुल 15 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में पाकिस्तान ने 10 मैच जीते हैं और तीन मैचों में वह हारा है. 50 ओवरों के मैचों में भारत का औसतन स्कोर रहा है 224 और पाकिस्तान का 267 विदेशी ज़मीन पर भारत का रिकॉर्ड उतना ही ख़राब रहा है. 1974 से ले कर अब तक हुए 161 मैचों में से 98 मैचों में भारत की हार हुई है. इस मैदान पर हुए आख़िरी दो मैचों में स्पिनर सक़लेन मुश्ताक़ ने सात विकेट लिये हैं और वह और कामयाबी की उम्मीद कर रहे होंगे. संभावित परिणाम-पाकिस्तान की जीत (सिरीज़ 2-1) चौथा एक दिवसीय मैच, लाहौर, 21 मार्च
दोनों देशों के बीच लाहौर में तीन बार मुक़ाबला हुआ है, और तीनों मैचों में पाकिस्तान की जीत हुई है. गद्दाफ़ी स्टेडियम पारंपरिक रूप से मेज़बान देश का क़िला रहा है और यहाँ हुए 34 एक दिवसीय मैचों में पाकिस्तान ने 23 मैच जीते हैं. पाकिस्तान के पक्ष में यह बात भी जाती है कि जब से वर्ष 2000 में फ़्लड लाइट्लृस में मैचों का सिलसिला शुरू हुआ है. तब से हुए छह मैचों में से वह कोई भी मैच नहीं हारा है. पिछले एक साल में इस स्टेडियम में हुए पाँच मैचों में तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर और मोहम्मद समी ने आठ-आठ विकेट लिये हैं. संभावित परिणाम-पाकिस्तान की जीत (सिरीज़ 3-1) पाँचवाँ एक-दिवसीय मैच, लाहौर, 24 मार्च
अब जब कि सिरीज़ का पहले ही फ़ैसला हो चुका है, आख़िरी मैच आँकड़ों को खिड़की से बाहर फेंक देने का अवसर है. अपने शानदार बल्लेबाज़ों को देखते हुए भारत चुपचाप सिरीज़ को हाथ से नहीं जाने देगा और इस आख़िरी मैच में भारत कोई करिश्मा कर दिखाएगा. जिससे टेस्ट सिरीज़ के लिए खिलाड़ियों का हौंसले बुलंद करेगा. लेकिन इस मैदान पर विकेट लेने वालों का बोलबाला रहा है और भारत के तेज़ गेंदबाज़, ज़हीर ख़ान, आशीष नेहरा या इरफ़ान पठान को मैच जीतने के लिए कुछ कर दिखाना होगा. संभावित परिणाम-भारत की जीत (सिरीज़ 3-2) यानी आँकड़ों के आकलन के मुताबिक़ पाकिस्तान की टीम वनडे सिरीज़ 3-2 से जीत सकती है. लेकिन आख़िरी फ़ैसला तो मैदान पर ही होगी. |
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