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पाकिस्तान दौरे को लेकर भ्रम की स्थिति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट टीम के पाकिस्तान दौरे को लेकर अटकलबाज़ियों का बाज़ार गर्म है और अभी भी सरकार या बोर्ड की ओर से कोई स्पष्ट बात नहीं कही जा रही है. बीबीसी हिंदी के साथ बातचीत में जहाँ गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया और कहा कि इसी के आधार पर दौरे के बारे में कोई फ़ैसला किया जाएगा. वहीं समाचार एजेंसी पीटीआई ने गृह मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि मंत्रालय लोकसभा चुनाव तक पाकिस्तान दौरा टालना चाहता है. पीटीआई के अनुसार गृह मंत्रालय ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई को मई में टीम के पाकिस्तान दौरे की सलाह दी है. हालाँकि बीबीसी के साथ बातचीत में चिन्मयानंद स्वामी ने स्पष्ट किया कि चुनाव का पाकिस्तान दौरे से कोई लेना-देना नहीं है. उधर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने संकेत दिया है कि अगर भारत ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आख़िरी क्षण में दौरे को रद्द किया तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का दरवाजा खटखटा सकता है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पीसीबी प्रमुख शहरयार ख़ान ने इस्लामाबाद में पत्रकारों को बताया, "मुझे उम्मीद है कि भारतीय टीम दौरे पर आएगी. इस बारे में बीसीसीआई की ओर से बयान की प्रतीक्षा है. लेकिन अगर दौरा रद्द हुआ तो हम आईसीसी में जाएँगे." शंकाएँ लेकिन गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद स्वामी ने पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति पर शंका जताई. उन्होंने कहा कि बीसीसीआई की टीम से अलग एक ख़ुफ़िया टीम पाकिस्तान के दौरे पर है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही पाकिस्तान दौरे पर आख़िरी फ़ैसला किया जाएगा. बीबीसी हिंदी के साथ ख़ास बातचीत में स्वामी ने कहा कि वे आँख मूँदकर सुरक्षा स्थिति पर भरोसा नहीं कर सकते और वहाँ खेलने की अपेक्षा अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए. गृह राज्य चिन्मयानंद स्वामी ने इस पूरे मामले को पाकिस्तान में परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान प्रकरण से भी जोड़ा और कहा कि इस घटना से वहाँ की सुरक्षा स्थिति को लेकर शंकाएँ पैदा हुई हैं. उन्होंने कहा, "परमाणु तकनीक के बारे में हमें डर है कि ये कहीं किसी आतंकवादी संगठन के हाथ में नहीं चला जाए और ऐसी स्थिति में हम अपने खिलाड़ियों को ख़तरे में क्यों डालें." स्वामी ने कहा कि नई स्थिति में हमारी सुरक्षा और ख़ुफ़िया एजेंसियों ने सलाह दी है कि हमें इस पर फिर से विचार करना चाहिए. उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय पिछले दिनों पाकिस्तान की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सुरक्षा व्यवस्था की तर्ज़ पर खिलाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था भी चाहता है यानी सुरक्षाकर्मी खिलाड़ियों के साथ पाकिस्तान जाएँ और वहाँ की एजेंसियों के साथ मिल कर काम करें. लेकिन पाकिस्तान की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
स्वामी ने कहा कि अगर ख़ुफ़िया टीम कहेगी कि वहाँ सुरक्षा पुख़्ता है और हमारे सुरक्षाकर्मी मिलकर वहाँ काम कर सकते हैं तो उस दौरे के संबंध में सोचा जा सकता है. उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि बीसीसीआई की रिपोर्ट पर भी नज़र रखी जाएगी लेकिन गृह मंत्रालय की अपनी रिपोर्ट ही अंतिम रिपोर्ट होगी. यह भी स्पष्ट किया कि इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है. स्वामी ने कहा, "चुनाव से इसका कोई संबंध नहीं है क्योंकि खेल की बात तो पहले से चल रही थी और चुनाव की संभावना भी हमारे दिमाग़ में थी." उन्होंने कहा कि चुनाव की बात कहीं बीच में नहीं है मुख्य मुद्दा सुरक्षा स्थिति ही है. |
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